नारी डेस्क: छोटे बच्चों और खासकर न्यूबॉर्न की देखभाल में थोड़ी भी लापरवाही परेशानी बढ़ा सकती है। सर्दी-जुकाम, फ्लू और दूसरे सांस से जुड़े वायरल इंफेक्शन घर के किसी बीमार सदस्य से बच्चे तक आसानी से पहुंच सकते हैं। इसलिए अगर घर में नवजात या एक साल से छोटा बच्चा है, तो संक्रमण से बचाव को लेकर ज्यादा सावधानी बरतना जरूरी है।
घर में कोई बीमार है तो बच्चे से दूरी रखें
अगर परिवार के किसी सदस्य को सर्दी, खांसी, बुखार या वायरल इंफेक्शन है, तो कोशिश करें कि वह नवजात के बिल्कुल करीब न जाए। खासकर बच्चे को बार-बार गोद में लेना, चेहरे के पास जाना या उसे किस करना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा सकता है। नवजात को संक्रमण से बचाने के लिए घर के लोगों को हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बच्चे को छूने या उसकी देखभाल करने से पहले साबुन और पानी से हाथ धोना एक आसान लेकिन जरूरी सावधानी है।

मां या पिता को जुकाम है तो क्या करें
अगर बच्चे की मां या पिता खुद बीमार हैं और बच्चे की देखभाल के लिए उनके पास रहना जरूरी है, तो संक्रमण फैलने से बचाने के लिए मास्क पहनना एक अतिरिक्त सावधानी हो सकती है। साथ ही खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें और हाथों की सफाई का ध्यान रखें। जहां संभव हो, बीमार व्यक्ति को बच्चे से थोड़ी दूरी बनाए रखनी चाहिए और उसकी देखभाल के लिए किसी स्वस्थ व्यक्ति की मदद लेनी चाहिए।
बच्चे में इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
न्यूबॉर्न में बीमारी के लक्षण हमेशा बहुत स्पष्ट नहीं होते। इसलिए बच्चे के व्यवहार और फीडिंग पर नजर रखना जरूरी है। अगर बच्चा सामान्य से कम दूध पी रहा है, बहुत सुस्त लग रहा है या उसकी सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
खास तौर पर इन संकेतों पर तुरंत मेडिकल मदद लें
सांस लेने में परेशानी या सांस बहुत तेज चलना
दूध पीने में परेशानी या फीडिंग कम होना
बच्चा असामान्य रूप से कमजोर या सुस्त नजर आना
होंठ या त्वचा का नीला पड़ना
लगातार खांसी या हालत बिगड़ना
नवजात को बुखार होना
3 महीने से छोटे बच्चे को 38°C (100.4°F) या उससे ज्यादा बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बच्चे को सर्दी-जुकाम हो जाए तो घबराएं नहीं
अगर बच्चे की नाक बह रही है, बंद है या हल्की खांसी हो रही है, तो सबसे पहले बच्चे की स्थिति पर नजर रखें और फीडिंग जारी रखने की कोशिश करें। लेकिन न्यूबॉर्न या बहुत छोटे बच्चे में खुद से कोई दवा शुरू करना सही नहीं है। खासकर कफ सिरप, एंटीबायोटिक या कोई दूसरी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न दें। सामान्य सर्दी अक्सर वायरल होती है और वायरल इंफेक्शन में एंटीबायोटिक्स काम नहीं करते।
बच्चे के आसपास साफ-सफाई रखें
घर में किसी को संक्रमण होने पर बच्चे के कमरे और आसपास की चीजों की सफाई पर ध्यान दें। बच्चे को छूने से पहले हाथ धोएं और इस्तेमाल होने वाली चीजों को साफ रखें। साथ ही परिवार के सदस्यों को बच्चे के पास जाने से पहले अपनी तबीयत का ध्यान रखना चाहिए। नवजात को सुरक्षित रखने का एक तरीका यह भी है कि उसके आसपास रहने वाले लोग अपनी जरूरी वैक्सीनेशन को अपडेट रखें।
न्यूबॉर्न के मामले में ‘थोड़ा इंतजार’ न करें
बड़े बच्चों में हल्की सर्दी-जुकाम को कुछ समय देखकर इंतजार किया जा सकता है, लेकिन नवजात के मामले में ज्यादा सतर्क रहना जरूरी है। अगर बच्चा सामान्य तरीके से दूध नहीं पी रहा, सांस लेने में दिक्कत है, बहुत सुस्त है या बुखार है, तो घरेलू उपायों के भरोसे न रहें और बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। नवजात बच्चे की बीमारी या दवा से जुड़े फैसले के लिए बच्चे के बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह सबसे महत्वपूर्ण है।