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Hariyali Teej 2026: तीज पर सिर्फ हरी चूड़ियां ही पहनी जाती है लेकिन इसका कारण जानते हैं आप?

  • Edited By Monika,
  • Updated: 07 Aug, 2026 07:37 PM
Hariyali Teej 2026: तीज पर सिर्फ हरी चूड़ियां ही पहनी जाती है लेकिन इसका कारण जानते हैं आप?

नारी डेस्क : हरियाली तीज का त्योहार सावन मास में मनाया जाता है, जब प्रकृति चारों ओर हरियाली की चादर ओढ़ लेती है। इस दिन महिलाएं हरे रंग के वस्त्र पहनती हैं, हाथों में मेहंदी रचाती हैं और हरी चूड़ियों से अपना श्रृंगार पूरा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरा रंग सौभाग्य, समृद्धि, प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए हरियाली तीज पर हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा विशेष महत्व रखती है।

माता पार्वती की तपस्या से जुड़ी है मान्यता

पौराणिक कथाओं के अनुसार,  माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। माना जाता है कि इस शुभ मिलन के बाद प्रकृति भी हरियाली से भर उठी, इसलिए हरियाली तीज पर हरे रंग को शुभ माना जाता है। हरी चूड़ियां माता पार्वती के अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक मानी जाती हैं।

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प्रकृति और सावन की हरियाली का प्रतीक

सावन का महीना वर्षा ऋतु का सबसे सुंदर समय माना जाता है। चारों ओर फैली हरियाली, पेड़-पौधों की ताजगी और प्राकृतिक सुंदरता जीवन में नई ऊर्जा का संदेश देती है। इसी वजह से महिलाएं इस दिन हरे रंग के कपड़े और हरी चूड़ियां पहनकर प्रकृति के इस उत्सव में अपनी भागीदारी निभाती हैं।

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अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य का प्रतीक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरियाली तीज पर हरी चूड़ियां पहनकर व्रत और पूजा करने से विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। माना जाता है कि इससे पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में प्रेम व खुशहाली बनी रहती है। वहीं अविवाहित कन्याएं मनचाहे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत रखती हैं।

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सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का संदेश

वास्तु और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार हरा रंग सकारात्मक ऊर्जा, उन्नति और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है। इसलिए हरियाली तीज पर हरी चूड़ियां धारण करना घर-परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।

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ज्योतिष में हरे रंग का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में हरा रंग बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, संवाद, व्यापार और समृद्धि का कारक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि हरियाली तीज पर हरे रंग का प्रयोग करने से शुभ ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

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हरियाली तीज पर हरी चूड़ियां पहनते समय रखें इन बातों का ध्यान

पूजा से पहले स्नान करके स्वच्छ हरे या पारंपरिक वस्त्र पहनें।
हरी चूड़ियां पहनने के बाद माता पार्वती और भगवान शिव की विधिवत पूजा करें।
सुहाग की सभी वस्तुओं का सम्मानपूर्वक उपयोग करें।
पूजा के बाद परिवार के बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें।

हरियाली तीज पर हरी चूड़ियां पहनना केवल एक श्रृंगार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, प्रकृति के प्रति सम्मान, अखंड सौभाग्य और माता पार्वती की अटूट भक्ति का प्रतीक है। यह परंपरा महिलाओं के वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास, समृद्धि और सुख-शांति की कामना से जुड़ी हुई है।

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