नारी डेस्क : बेटियां सिर्फ घर की रौनक ही नहीं होतीं, बल्कि माता-पिता की जिंदगी का बेहद खास हिस्सा होती हैं। उनकी मुस्कान से घर में खुशियां आती हैं और उनकी कामयाबी माता-पिता के लिए गर्व का पल बनती है। बेटियों के इसी प्यार, सम्मान और उनके सपनों को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल Daughters Day मनाया जाता है। साल 2026 में भारत में Daughters Day 27 सितंबर, रविवार को मनाया गया।

बॉलीवुड में भी कई स्टार्स अपनी बेटियों के साथ खास बॉन्ड शेयर करते हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर सितारे अपनी बेटियों के साथ तस्वीरें और खास पोस्ट शेयर करते नजर आते हैं। सैफ अली खान और सारा अली खान, शाहरुख खान और सुहाना खान, चंकी पांडे और अनन्या पांडे समेत कई स्टार पिता-बेटी की जोड़ियां फैंस के बीच चर्चा में रहती हैं। इसके अलावा अजय देवगन, अनिल कपूर, सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार, रणवीर सिंह और रणबीर कपूर भी अपनी बेटियों के साथ खास रिश्ता साझा करते हैं।
सैफ अली खान और सारा अली खान
सैफ अली खान और सारा अली खान की बॉन्डिंग अक्सर सुर्खियों में रहती है। दोनों कई मौकों पर साथ नजर आते हैं और सारा भी अपने पिता के साथ अपने रिश्ते को लेकर कई बार खुलकर बात कर चुकी हैं।
शाहरुख खान और सुहाना खान
शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान भी बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। शाहरुख अक्सर अपनी बेटी के काम और उपलब्धियों को लेकर सोशल मीडिया पर प्यार जाहिर करते हैं। पिता-बेटी की तस्वीरें भी फैंस को खूब पसंद आती हैं।

चंकी पांडे और अनन्या पांडे
चंकी पांडे और अनन्या पांडे की जोड़ी भी बॉलीवुड की चर्चित पिता-बेटी जोड़ियों में शामिल है। दोनों के बीच की दोस्ताना बॉन्डिंग अक्सर सोशल मीडिया पोस्ट और इंटरव्यू में नजर आती है।
क्यों मनाया जाता है Daughters Day?
Daughters Day का मकसद बेटियों के प्रति प्यार और सम्मान जाहिर करने के साथ उनके अधिकारों, शिक्षा, समान अवसर और सपनों को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन माता-पिता को अपनी बेटियों की उपलब्धियों को सेलिब्रेट करने और उनके भविष्य के सपनों को समझने का मौका देता है।
Daughters Day का इतिहास
भारत में Daughters Day की शुरुआत को लेकर अलग-अलग जानकारियां मिलती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसे सितंबर 2007 में Archies Limited की पहल से जोड़कर देखा जाता है। इसके बाद सितंबर के चौथे रविवार को Daughters Day मनाने की परंपरा लोकप्रिय हुई। हालांकि, यह कोई आधिकारिक राष्ट्रीय अवकाश नहीं है। यह दिन किसी एक रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को बराबरी, सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने का हक देने की याद दिलाता है।