नारी डेस्क: आज के समय में रसोई का बजट संभालना हर परिवार के लिए चुनौती बनता जा रहा है। खासकर जब एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ रही हों, तब हर गृहिणी और परिवार यही चाहता है कि सिलेंडर ज्यादा दिनों तक चले। लेकिन कई बार हमारी छोटी-छोटी गलतियां गैस की खपत बढ़ा देती हैं और सिलेंडर समय से पहले ही खत्म हो जाता है। अगर आपका सिलेंडर भी 30 दिन पूरे होने से पहले खाली हो जाता है, तो हो सकता है कि इसकी वजह आपकी कुछ रोजमर्रा की आदतें हों। आइए जानते हैं गैस बचाने के ऐसे आसान और प्रभावी तरीके, जिन्हें अपनाकर आप एलपीजी की खपत कम कर सकते हैं।
बर्नर की नियमित सफाई है बेहद जरूरी
रसोई में सबसे ज्यादा नजरअंदाज की जाने वाली चीज बर्नर की सफाई है। समय के साथ बर्नर के छेदों में तेल, मसाले और धूल जमा हो जाती है, जिससे गैस का फ्लो प्रभावित होता है। गंदे बर्नर में गैस ज्यादा खर्च होती है लेकिन गर्मी कम मिलती है। इसलिए समय-समय पर बर्नर की सफाई करते रहें ताकि गैस पूरी क्षमता से काम कर सके।

लौ का रंग बताता है गैस की स्थिति
यदि गैस जलाने पर नीली लौ दिखाई दे रही है तो इसका मतलब है कि गैस सही तरीके से जल रही है। लेकिन अगर लौ पीली या नारंगी दिखे तो यह बर्नर में गंदगी या गैस के असमान दहन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में गैस की खपत बढ़ जाती है और बर्तनों के नीचे कालापन भी जमने लगता है। इसलिए लौ के रंग पर ध्यान देना जरूरी है।
तैयारी पूरी होने के बाद ही गैस जलाएं
अक्सर लोग सब्जियां काटने या मसाले तैयार करने से पहले ही गैस ऑन कर देते हैं और बर्तन चढ़ा देते हैं। इस दौरान गैस लगातार जलती रहती है और बेवजह खर्च होती है। बेहतर होगा कि खाना बनाने की सारी तैयारी पहले कर लें और उसके बाद ही गैस चालू करें। यह छोटी-सी आदत महीने भर में काफी गैस बचा सकती है।
ढक्कन लगाकर पकाएं खाना
खाना पकाते समय बर्तन को ढककर रखने से अंदर की भाप बाहर नहीं निकलती और भोजन जल्दी पक जाता है। चावल, दाल, सब्जी या अन्य व्यंजन बनाते समय ढक्कन का इस्तेमाल करने से गैस की बचत होती है और खाना भी बेहतर तरीके से पकता है। छोटे बर्तन को बड़े बर्नर पर रखने से गैस की लौ चारों तरफ फैल जाती है और काफी गैस व्यर्थ चली जाती है। हमेशा बर्नर के आकार के अनुसार ही बर्तन का इस्तेमाल करें। इससे गैस की गर्मी सीधे बर्तन तक पहुंचेगी और ईंधन की बचत होगी।

प्रेशर कुकर का ज्यादा इस्तेमाल करें
गैस बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है प्रेशर कुकर का उपयोग। दाल, चावल, सब्जियां और कई अन्य व्यंजन कुकर में जल्दी पक जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करने से 30 से 50 प्रतिशत तक गैस की बचत की जा सकती है। कई लोग जल्दी खाना बनाने के लिए गैस को हमेशा हाई फ्लेम पर रखते हैं। लेकिन इससे खाना समान रूप से नहीं पकता और गैस की खपत भी बढ़ जाती है। सब्जियां और मसाले भूनने के बाद मध्यम या धीमी आंच पर पकाना ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे स्वाद भी बेहतर रहता है और गैस की बचत भी होती है।
गैस लीकेज की जांच करते रहें
यदि सभी सावधानियों के बावजूद आपका सिलेंडर जल्दी खत्म हो रहा है तो गैस पाइप और रेगुलेटर की जांच जरूर कराएं। पाइप में दरार या रेगुलेटर की खराबी के कारण धीरे-धीरे गैस लीक होती रह सकती है। यदि रसोई में गैस जैसी गंध महसूस हो तो तुरंत जांच करवाएं। फ्रीजर से निकाले गए खाद्य पदार्थों को तुरंत पकाने से उन्हें सामान्य तापमान तक आने में ज्यादा समय लगता है और गैस की खपत बढ़ जाती है। बेहतर होगा कि ऐसे खाद्य पदार्थों को पहले कुछ देर कमरे के तापमान पर रखें और फिर पकाएं।

एक साथ खाना बनाने की आदत डालें
अगर संभव हो तो एक ही समय में दिन के कई व्यंजनों की तैयारी करें। इससे बार-बार गैस जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ईंधन की बचत होगी। योजनाबद्ध तरीके से खाना बनाना गैस बचाने का आसान और असरदार तरीका माना जाता है। एलपीजी गैस बचाने के लिए किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। बस रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाकर आप गैस की खपत को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
बर्नर की सफाई, सही आंच का इस्तेमाल, प्रेशर कुकर का उपयोग और गैस लीकेज की नियमित जांच जैसे छोटे कदम आपके सिलेंडर को ज्यादा दिनों तक चलाने में मदद कर सकते हैं। इससे न केवल पैसे बचेंगे, बल्कि रसोई का बजट भी बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।