
नारी डेस्क : जहां आज भी कई जगहों पर महिलाओं के सपनों को सीमाओं में बांध दिया जाता है, वहीं कुछ महिलाएं अपने हौसले से पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन जाती हैं। नेपाल के एक छोटे से गांव से निकलकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने वाली 52 वर्षीय Lhakpa Sherpa ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं होती। “माउंटेन क्वीन” के नाम से मशहूर ल्हाकपा शेरपा ने 11वीं बार Mount Everest फतह कर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही उन्होंने सबसे ज्यादा बार एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाली महिला का अपना ही विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
17 मई 2026 को हासिल की नई कामयाबी
नेपाल के पर्यटन विभाग के अनुसार, ल्हाकपा शेरपा ने 17 मई 2026 की सुबह 9:30 बजे एवरेस्ट शिखर पर पहुंचकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उनकी यह सफलता दुनियाभर के पर्वतारोहियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। बता दें की ल्हाकपा शेरपा का जन्म नेपाल के एक छोटे से हिमालयी गांव में हुआ था। बचपन से ही पहाड़ उनके जीवन का हिस्सा रहे, लेकिन सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा। साल 2000 में उन्होंने पहली बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी और यहीं से उनके रिकॉर्ड बनाने वाले सफर की शुरुआत हुई।

11 बार एवरेस्ट फतह कर बनाया रिकॉर्ड
जहां ज्यादातर पर्वतारोहियों का सपना सिर्फ एक बार एवरेस्ट पहुंचने का होता है, वहीं ल्हाकपा शेरपा ने यह कारनामा 11 बार कर दिखाया है। उन्होंने 2000, 2001, 2003, 2004, 2005, 2006, 2016, 2017, 2018, 2022 और 2026 में एवरेस्ट फतह किया। यह उपलब्धि उनकी असाधारण शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की ताकत को दर्शाती है।

संघर्षों से भरी रही जिंदगी
ल्हाकपा शेरपा का जीवन सिर्फ उपलब्धियों से नहीं, बल्कि संघर्षों से भी भरा रहा है। घरेलू हिंसा, आर्थिक परेशानियां और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने पर्वतारोहण का जुनून नहीं छोड़ा। बाद में वह अमेरिका चली गईं, जहां काम करते हुए उन्होंने अपने परिवार का पालन-पोषण किया और साथ ही पर्वतारोहण जारी रखा।

नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री से दुनिया ने जाना संघर्ष
साल 2023 में Netflix पर रिलीज हुई डॉक्यूमेंट्री Mountain Queen: The Summits of Lhakpa Sherpa ने उनकी प्रेरणादायक कहानी को दुनियाभर तक पहुंचाया। इस डॉक्यूमेंट्री में उनके संघर्ष, साहस और उपलब्धियों को दिखाया गया। पर्वतारोहण जैसे पुरुष प्रधान क्षेत्र में ल्हाकपा शेरपा ने साबित कर दिया कि महिलाएं भी किसी से कम नहीं हैं। उनकी सफलता ने दुनियाभर की लड़कियों और महिलाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा दी है।