नारी डेस्क: सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीने की सलाह लंबे समय से दी जाती रही है। माना जाता है कि इससे शरीर को हाइड्रेशन मिलता है, पाचन क्रिया बेहतर होती है और दिन की शुरुआत ताजगी के साथ होती है। कई लोग इसे अपनी डेली रूटीन का हिस्सा भी बना चुके हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि यह आदत हर व्यक्ति के लिए समान रूप से फायदेमंद साबित हो। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पानी का तापमान बहुत ज्यादा हो या किसी व्यक्ति को पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, तो सुबह खाली पेट गर्म पानी पीने से फायदे की बजाय परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए किसी भी स्वास्थ्य सलाह को अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार अपनाना अधिक उचित माना जाता है।
क्या सुबह गर्म पानी पीना हमेशा लाभदायक होता है?
गुनगुना पानी सामान्य तौर पर सुरक्षित माना जाता है और अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए यह लाभकारी हो सकता है। लेकिन बहुत अधिक गर्म पानी पीने से मुंह, गले और भोजन नली की अंदरूनी परत पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों में यह आदत लक्षणों को और बढ़ा सकती है। इसलिए पानी हमेशा इतना ही गर्म होना चाहिए कि उसे बिना किसी असहजता के आराम से पिया जा सके।

मुंह में छाले या गले में सूजन होने पर रखें विशेष ध्यान
यदि किसी व्यक्ति के मुंह में छाले हैं या गले में सूजन, खराश अथवा जलन की शिकायत है, तो बहुत गर्म पानी पीना परेशानी बढ़ा सकता है। अधिक गर्म पानी प्रभावित हिस्से में जलन और दर्द को बढ़ा सकता है, जिससे खाने-पीने में भी दिक्कत हो सकती है। ऐसी स्थिति में सामान्य तापमान या हल्का गुनगुना पानी अधिक आरामदायक विकल्प माना जाता है।
एसिडिटी और सीने में जलन से परेशान लोग रहें सतर्क
जिन लोगों को बार-बार एसिडिटी, गैस या सीने में जलन की समस्या रहती है, उन्हें भी बहुत गर्म पानी पीने से असहजता महसूस हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है, लेकिन यदि गर्म पानी पीने के बाद जलन या एसिडिटी बढ़ने लगे तो इस आदत पर दोबारा विचार करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों को हो सकती है परेशानी
कुछ लोगों का पाचन तंत्र काफी संवेदनशील होता है। ऐसे लोगों को सुबह खाली पेट गर्म पानी पीने के बाद पेट में जलन, ऐंठन, भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है। यदि ऐसा लगातार होता है, तो बेहतर होगा कि पानी का तापमान कम रखा जाए या सामान्य तापमान का पानी पिया जाए। अपने शरीर के संकेतों को समझना सबसे महत्वपूर्ण है।

शरीर में पानी की कमी होने पर केवल गर्म पानी पर्याप्त नहीं
यदि शरीर पहले से डिहाइड्रेशन का शिकार है, तो केवल गर्म पानी पीना पर्याप्त नहीं माना जाता। ऐसे समय में शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ की जरूरत होती है। सामान्य या हल्का गुनगुना पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए और जरूरत महसूस होने पर डॉक्टर की सलाह से इलेक्ट्रोलाइट्स का भी सेवन किया जा सकता है, ताकि शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स का संतुलन बना रहे।
गर्म पानी पीते समय इन बातों का रखें ध्यान
गर्म पानी पीने का सबसे जरूरी नियम यह है कि पानी कभी भी उबलता हुआ या अत्यधिक गर्म नहीं होना चाहिए। पानी का तापमान इतना होना चाहिए कि उसे आराम से बिना जलन के पिया जा सके। सुबह उठने के बाद एक से दो गिलास हल्का गुनगुना पानी पर्याप्त माना जाता है। साथ ही, यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी, पाचन संबंधी समस्या या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, तो अपनी दिनचर्या में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
सुबह गुनगुना पानी पीना कई लोगों के लिए एक अच्छी और फायदेमंद आदत हो सकती है, लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए समान रूप से लाभकारी मानना सही नहीं होगा। यदि गर्म पानी पीने के बाद किसी तरह की असहजता, जलन या अन्य समस्या महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय अपने शरीर की जरूरत के अनुसार बदलाव करना चाहिए। सही तापमान का पानी, संतुलित मात्रा और चिकित्सकीय सलाह के साथ अपनाई गई आदत ही वास्तव में स्वास्थ्य के लिए लाभदायक साबित होती है।