नारी डेस्क: अनियंत्रित डायबिटीज चुपचाप भारत के लिए स्वास्थ्य के सबसे बड़े खतरों में से एक बनती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि भारत में डायबिटीज से पीड़ित आधे से ज़्यादा वयस्कों को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि उन्हें यह बीमारी है, जिससे करोड़ों लोगों को हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और अंधेपन का खतरा है। WHO के अनुसार, दुनिया भर में डायबिटीज़ के मामले चार गुना से ज़्यादा बढ़ गए हैं 1
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भारत में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीज
WHO के डेटा के अनुसार, भारत में अब दुनिया में सबसे ज़्यादा डायबिटीज के मरीज हैं, 77 मिलियन वयस्क टाइप 2 डायबिटीज़ से पीड़ित हैं, 25 मिलियन लोग प्री-डायबिटिक हैं, 50 प्रतिशत से ज़्यादा मामलों का पता ही नहीं चल पाता है। 1990 में 200 मिलियन से बढ़कर 2022 में 830 मिलियन हो गए हैं और इनमें सबसे तेज़ी से बढ़ोतरी कम और मध्यम आय वाले देशों में हुई है। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें ब्लड शुगर का लेवल बहुत ज़्यादा हो जाता है। समय के साथ, यह दिल, ब्लड वेसल्स, आंखों, किडनी और नसों को नुकसान पहुंचाती है।
डायबिटीज से इन बीमारियाें का खतरा
WHO का कहना है कि हाई ब्लड शुगर चुपचाप नुकसान पहुंचाती है, और अक्सर लक्षण दिखने से कई साल पहले ही यह प्रक्रिया शुरू हो जाती है। डायबिटीज वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 2 से 3 गुना ज़्यादा होता है। 2021 में दुनिया भर में दिल से जुड़ी बीमारियों से होने वाली कुल मौतों में से 11 प्रतिशत का संबंध हाई ग्लूकोज़ लेवल से था। डायबिटीज, एंड-स्टेज रीनल डिज़ीज़ (किडनी की बीमारी का आखिरी चरण) का एक मुख्य कारण है। रेटिना को नुकसान पहुंचने से डायबिटिक रेटिनोपैथी हो सकती है, जो अंधेपन का एक प्रमुख कारण है। पैरों में नसों को नुकसान और ब्लड सर्कुलेशन ठीक न होने से अल्सर और इन्फेक्शन हो सकते हैं, जिसके कारण अंग को काटना पड़ सकता है।
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चेतावनी के संकेतों को जानें
WHO के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज़ के मामले 95 प्रतिशत से ज़्यादा होते हैं और इसके लक्षण अक्सर हल्के होते हैं। बार-बार पेशाब आना, बहुत ज़्यादा प्यास लगना, लगातार थकान महसूस होना, बिना किसी वजह के वज़न कम होना और धुंधला दिखना। इसी वजह से WHO वयस्कों, खासकर 30 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करवाने की सलाह देता है। टाइप 1 डायबिटीज़ को रोका नहीं जा सकता। लेकिन टाइप 2 को काफी हद तक रोका और नियंत्रित किया जा सकता है। WHO ये सलाह देता है: हफ़्ते में 150 मिनट हल्की-फुल्की कसरत करना, स्वस्थ वज़न बनाए रखना, सैचुरेटेड फैट और रिफाइंड शुगर कम वाली डाइट लेना, और तंबाकू छोड़ना क्योंकि तंबाकू से दिल की बीमारियों का खतरा और बढ़ जाता है।