नारी डेस्क : आंख का फड़कना एक ऐसी समस्या है, जिसका अनुभव लगभग हर व्यक्ति ने कभी न कभी जरूर किया है। कई बार यह कुछ सेकंड या मिनटों में अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन जब यह बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बना रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, आंख फड़कना सामान्य थकान का संकेत भी हो सकता है और कुछ मामलों में यह शरीर में किसी स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा भी करता है। डॉक्टर के अनुसार, आंखों का फड़कना ज्यादातर मामलों में गंभीर नहीं होता, लेकिन अगर इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
आंख फड़कने का सबसे बड़ा कारण क्या है?
आंख फड़कने की समस्या, जिसे मेडिकल भाषा में आई ट्विचिंग (Eye Twitching) या मायोकाइमिया (Myokymia) कहा जाता है
अक्सर जीवनशैली से जुड़ी होती है। इसके सामान्य कारणों में शामिल हैं-
पर्याप्त नींद न लेना
अत्यधिक तनाव और चिंता
लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन का इस्तेमाल
आंखों पर ज्यादा दबाव पड़ना
जरूरत से ज्यादा चाय, कॉफी या कैफीन का सेवन
आंखों का सूखापन (ड्राई आई)
आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने के कारण आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं, जिससे पलकों में हल्की-हल्की फड़फड़ाहट शुरू हो सकती है।

क्या यह शरीर में किसी कमी का संकेत है?
जी हां, कई बार आंख फड़कना शरीर में पोषक तत्वों की कमी की ओर भी इशारा करता है। खासतौर पर मैग्नीशियम की कमी मांसपेशियों के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकती है, जिससे आंखों की मांसपेशियां बार-बार फड़कने लगती हैं। इसके अलावा, शरीर में डिहाइड्रेशन, अत्यधिक थकान और पोषण की कमी भी इस समस्या को बढ़ा सकती है।
किन बीमारियों का हो सकता है संकेत?
ज्यादातर मामलों में आंख फड़कना गंभीर नहीं होता, लेकिन अगर यह समस्या कई सप्ताह तक बनी रहे, तो यह कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है।
जैसे, ब्लेफेरोस्पाज्म (Blepharospasm): एक ऐसी स्थिति जिसमें पलकों की मांसपेशियां अनियंत्रित रूप से सिकुड़ने लगती हैं।
हेमीफेशियल स्पाज्म (Hemifacial Spasm): इसमें चेहरे के एक हिस्से की मांसपेशियों में बार-बार झटके महसूस होते हैं।
कुछ दुर्लभ मामलों में यह तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) से जुड़ी समस्याओं से भी संबंधित हो सकता है।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर आंख फड़कने के साथ इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
आंख का फड़कना कई हफ्तों तक लगातार बना रहे।
पलक पूरी तरह बंद होने लगे।
चेहरे के अन्य हिस्सों में भी झटके महसूस हों।
आंखों में दर्द, लालिमा या सूजन हो।
धुंधला दिखाई देने लगे।
आंखों से पानी आना या जलन बढ़ जाए।
आंख फड़कने की समस्या को कैसे कम करें?
कुछ आसान उपाय अपनाकर इस समस्या से राहत पाई जा सकती है
रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
स्क्रीन टाइम को सीमित करें और हर 20 मिनट बाद आंखों को आराम दें।
तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
जरूरत से ज्यादा चाय और कॉफी पीने से बचें।
आंखों में सूखापन महसूस हो तो डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।

कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
अगर आंख फड़कना कुछ दिनों में अपने आप ठीक नहीं होता या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने लगें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच और विशेषज्ञ की सलाह लेने से किसी भी गंभीर समस्या का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है।