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तिरुपति में Anant Ambani ने चढ़ाए बाल, जानिए केश दान के पीछे की धार्मिक मान्यता

  • Edited By Monika,
  • Updated: 30 Jun, 2026 11:31 AM

नारी डेस्क : रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी एक बार फिर अपनी धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा में हैं। रविवार, 28 जून 2026 को उन्होंने आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगवान के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने सुप्रभात सेवा में हिस्सा लिया, पारंपरिक केश दान (मुंडन) कराया और मंदिर प्रशासन के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

तिरुपति में क्यों किया जाता है केश दान?

तिरुमला मंदिर में केश दान की परंपरा सदियों पुरानी है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान वेंकटेश्वर के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने के लिए अपने बाल अर्पित करते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, केश दान अहंकार त्यागने, विनम्रता अपनाने और खुद को पूरी तरह भगवान के चरणों में समर्पित करने का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि भगवान के सामने अपने बाल अर्पित करना यह दर्शाता है कि व्यक्ति अपने घमंड और सांसारिक मोह को छोड़कर ईश्वर की शरण में आ गया है। इसी परंपरा का पालन करते हुए अनंत अंबानी ने भी मंदिर में मुंडन संस्कार कराया।

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TTD को 25 इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा उपहार

दर्शन के बाद अनंत अंबानी ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को लगभग ₹27.5 करोड़ की 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करने की घोषणा की। इन बसों का इस्तेमाल तिरुमला आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को आसान और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए किया जाएगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ इन बसों के संचालन के लिए 50 ड्राइवरों के वेतन और अन्य सुविधाओं का खर्च भी उठाएगी। इसके अलावा, कंपनी इलेक्ट्रिक बसों के लिए जरूरी EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में भी सहयोग करेगी।

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गौशाला और पशु कल्याण के लिए भी किया ऐलान

अनंत अंबानी ने तिरुमला स्थित गौशाला के आधुनिकीकरण में सहयोग देने की भी घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने मंदिर के हाथियों को अपने हाथों से भोजन खिलाया। यह दृश्य श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा और पशु संरक्षण के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

वैदिक विद्वानों से मिला विशेष सम्मान

धार्मिक अनुष्ठान पूरे करने के बाद मंदिर परिसर के रंगनायकुला मंडपम में वैदिक विद्वानों ने अनंत अंबानी को पारंपरिक वेद आशीर्वचनम् प्रदान किया। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने उन्हें श्रीवारी तीर्थ प्रसादम भेंट किया और सम्मान स्वरूप पारंपरिक रेशमी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। यह जून महीने में अनंत अंबानी की दूसरी तिरुमला यात्रा रही। इससे पहले 12 जून 2026 को वह अपने पिता मुकेश अंबानी और पत्नी राधिका मर्चेंट के साथ भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करने पहुंचे थे। उस दौरान पूरे परिवार ने विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेकम सेवा में भाग लिया था।

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पहले भी दिखा चुके हैं गहरी आस्था

तिरुपति यात्रा से पहले भी अनंत अंबानी अपनी धार्मिक आस्था को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। अपनी शादी से पहले उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए द्वारकाधीश मंदिर तक लंबी पदयात्रा की थी, जिसकी देशभर में काफी चर्चा हुई थी।

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आस्था और सेवा का संदेश

तिरुमला में अनंत अंबानी की यह यात्रा सिर्फ धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं रही। एक ओर उन्होंने सदियों पुरानी केश दान की परंपरा निभाई, तो दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण, पशु कल्याण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं। उनकी यह यात्रा इस बात का संदेश देती है कि आध्यात्मिकता सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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