
नारी डेस्क : किडनी हमारे शरीर का एक बेहद अहम अंग है। हम सो रहे हों या जाग रहे हों, किडनी हर समय शरीर के लिए काम करती रहती है। यह शरीर का नेचुरल फिल्टर है, जो खून से गंदगी और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने, फ्लुइड बैलेंस बनाए रखने और पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है। लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो इसका असर पूरे शरीर की सेहत पर पड़ता है। यही वजह है कि किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अपनी डाइट को लेकर खास सतर्कता बरतनी चाहिए। खासतौर पर कुछ फल ऐसे होते हैं जिनमें पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो किडनी मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
किडनी के मरीजों को कौन से फल नहीं खाने चाहिए?
केला
केला पोटैशियम से भरपूर होता है। किडनी जब पोटैशियम को सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती, तो यह शरीर में जमा होने लगता है, जिससे दिल और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए किडनी मरीजों को केले से परहेज करना चाहिए।

संतरा और संतरे का जूस
संतरा न सिर्फ पोटैशियम से भरपूर होता है, बल्कि इसमें एसिडिक तत्व भी ज्यादा होते हैं। किडनी मरीजों के लिए संतरा या संतरे का जूस नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए इसे डाइट में शामिल नहीं करना चाहिए।
किडनी के मरीजों के लिए कौन से फल फायदेमंद होते हैं?
अगर सही फल चुने जाएं, तो वे किडनी की सेहत को नुकसान पहुंचाए बिना शरीर को जरूरी पोषण दे सकते हैं।
सेब: सेब में पोटैशियम कम और फाइबर ज्यादा होता है। यह पाचन सुधारता है और किडनी मरीजों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
बेरीज: स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी जैसी बेरीज एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। ये ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करती हैं और इनमें पोटैशियम भी कम होता है।

अंगूर: अंगूर में रेस्वेराट्रोल पाया जाता है, जो सूजन कम करने में मदद करता है। यह फल शरीर को हाइड्रेट भी रखता है।
अनानास: अनानास में पोटैशियम कम होता है और इसमें ब्रोमेलेन जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो किडनी के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
तरबूज: तरबूज एक हाइड्रेटिंग फल है, जो शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है। सीमित मात्रा में इसका सेवन किडनी मरीज कर सकते हैं।
चेरीज: चेरीज में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं और यह यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, जिससे किडनी हेल्थ बेहतर रहती है।
किडनी मरीजों के लिए जरूरी सावधानियां
नींबू किडनी के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें डिटॉक्स और क्लेंजिंग गुण होते हैं।
दिनभर में 2 से 3 सर्विंग फल से ज्यादा न खाएं, क्योंकि अधिक फल खाने से शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ सकता है।
किसी भी फल को डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।