नारी डेस्क : नवजात शिशुओं की देखभाल में कई छोटी-छोटी बातें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं, जिनमें से एक है डकार दिलाना (Burping)। दूध पीते समय बच्चे के पेट में हवा के बुलबुले फंस सकते हैं, जिससे उसे गैस, पेट दर्द और बेचैनी हो सकती है। इसलिए दूध पिलाने के बाद शिशु को डकार दिलाना बेहद जरूरी माना जाता है। सही तरीके से डकार दिलाने से बच्चे को आराम मिलता है और उल्टी या पेट फूलने की समस्या भी कम हो सकती है।
शिशुओं को डकार दिलाना क्यों जरूरी है
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब शिशु दूध पीते समय हवा निगल लेते हैं, तो वह हवा उनके पेट में फंस जाती है, जिससे बच्चे को असहजता और बेचैनी महसूस होने लगती है और कई बार वह रोने भी लगता है। ऐसे में शिशु को डकार दिलाना बेहद जरूरी होता है। डकार दिलाने से पेट में फंसी गैस बाहर निकल जाती है, जिससे पेट दर्द और बेचैनी कम होती है। इसके अलावा उल्टी या दूध बाहर आने की संभावना भी कम हो जाती है और बच्चा आराम से सो पाता है।

शिशु को डकार कब दिलानी चाहिए
नवजात शिशुओं को डकार दिलाने का कोई निश्चित समय नहीं होता। कुछ बच्चों को दूध पीते समय ही डकार की जरूरत पड़ती है, जबकि कुछ को दूध पीने के बाद डकार दिलाना जरूरी होता है। इसलिए माता-पिता को बच्चे के व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए। अगर दूध पीते समय बच्चा बेचैन होने लगे, रोने लगे या बार-बार रुककर दूध पीने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि उसके पेट में हवा फंस गई है। ऐसी स्थिति में बीच में ही उसे डकार दिलाना बेहतर रहता है, जिससे बच्चे को आराम मिल सके।
नवजात शिशु को डकार दिलाने के 3 आसान तरीके
गोद में पेट के बल लिटाकर
सबसे पहले बच्चे को अपनी गोद में पेट के बल लिटाएं। उसकी ठुड्डी को हल्का सहारा दें और दूसरे हाथ से उसकी पीठ को धीरे-धीरे थपथपाएं या सहलाएं। इससे बच्चे को डकार आने में मदद मिल सकती है।
गोद में बैठाकर
बच्चे को अपनी गोद में इस तरह बैठाएं कि उसका चेहरा आपसे दूर की ओर हो। एक हाथ से उसकी छाती और ठुड्डी को सहारा दें और दूसरे हाथ से उसकी पीठ को हल्के से थपथपाएं।

कंधे पर रखकर
बच्चे को अपनी छाती से लगाएं और उसकी ठुड्डी को अपने कंधे पर टिकाएं। एक हाथ से उसके सिर और गर्दन को सहारा दें और दूसरे हाथ से पीठ को धीरे-धीरे थपथपाएं।
हमेशा साथ रखें साफ कपड़ा: डकार लेते समय कई बार बच्चा थोड़ा दूध बाहर निकाल सकता है। इसलिए डकार दिलाते समय मलमल का साफ कपड़ा या तौलिया अपने कंधे पर जरूर रखें।
गैस की समस्या होने पर क्या करें: अगर ऊपर बताए गए तरीकों से बच्चे को डकार नहीं आ रही है और वह गैस के कारण परेशान लग रहा है, तो आप यह तरीका आजमा सकते हैं।
बच्चे को पीठ के बल लिटाएं
उसके पेट की हल्की मालिश करें
पैरों को धीरे-धीरे साइकिल चलाने की तरह हिलाएं
इससे बच्चे को गैस से राहत मिल सकती है।

स्तनपान कराते समय रखें इन बातों का ध्यान
बच्चे को स्तनपान कराते समय सही पोजिशन बहुत जरूरी होती है।
बच्चे की नाक को निप्पल के सामने रखें
बच्चे का सिर हल्का पीछे की ओर झुकाएं
जब बच्चा मुंह खोल दे, तब उसे स्तन की ओर लाएं
इससे बच्चा सही तरीके से दूध पी पाता है और मां को भी दर्द नहीं होता।
कब डॉक्टर से संपर्क करें: अगर इन सभी तरीकों के बाद भी बच्चे को आराम नहीं मिल रहा है और वह लगातार रो रहा है या बहुत असहज दिख रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।