19 APRSUNDAY2026 4:20:56 PM
Nari

क्या आपका बच्चा करता है हद से ज्यादा बदतमीजी? इस तरह करें कंट्रोल..

  • Edited By Pooja Gill,
  • Updated: 19 Apr, 2026 03:08 PM
क्या आपका बच्चा करता है हद से ज्यादा बदतमीजी? इस तरह करें कंट्रोल..

नारी डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ पेरेंट्स अपने बच्चों पर इतना ध्यान नहीं दे पाते। जिसकी वजह से उनके बच्चें कुछ गलत आदतें सीख लेते है। वो अपने माता-पिता या फिर दूसरें लोगों से बदतमीजी से बात करते है। पेरेंट्स समझते है कि ये उनकी गलत आदतों की वजह से है, लेकिन ये सिर्फ उनकी गलत आदतें नहीं बल्कि उनके इमोशनल और बिहेवियरल डेवलपमेंट का संकेत भी हो सकता है। कई बार बच्चे काफी परेशान भी होते है, इसलिए भी वो ऐसे व्यवहार करते है। ऐसे में पेरेंट्स को उन्हें डांटकर नहीं बल्कि समझदारी से उन्हें समझाना चाहिए और उनके इस व्यवहार के पीछे की वजह जानना चाहिए।

जानिए बच्चों को समझाने का सही तरीका

बच्चे जब बदतमीजी करते है तो पेरेंट्स उन्हें डांटकर या फिर सजा देकर समझाने की कोशिश करते है। देखा जाता है कि जब बच्चा बदतमीजी करता है, तो पेरेंट्स भी तुरंत गुस्से में प्रतिक्रिया दे देते हैं। लेकिन ऐसा करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है। जब आपका बच्चा गुस्सा या बदतमीजी करता है तो अगर आप भी उसी तरीके से उससे बात करेंगे तो वो उसे लड़ाई समझ लेगा और ज्यादा बिगड़ जाएगा। ऐसे में परिजनों को चाहिए कि आप शांत रहें और बच्चे की बात ध्यान से सुनें। यह समझने की कोशिश करें कि वह ऐसा क्यों कर रहा है।

PunjabKesari

पेरेंट्स इस बात का भी रखें ध्यान

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चे हमेशा अपनी भावनाओं को सही शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाते। इसलिए उनका गुस्सा या फ्रस्ट्रेशन बदतमीजी के रूप में बाहर आ सकता है। ऐसे समय पर डांटने के बजाय धैर्य से काम लेना ज्यादा असरदार होता है। जब बच्चा गलत तरीके से बात करता है, तो केवल उसके शब्दों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय उसकी भावनाओं को समझना जरूरी है। हो सकता है कि वह किसी बात से दुखी, नाराज या परेशान हो। ऐसे में आप उससे शांत तरीके से बात करें और कहें, “मुझे समझ आ रहा है कि तुम गुस्से में हो, लेकिन इस तरह बात करना सही नहीं है।” इससे बच्चा खुद ही समझ जाएगा और अपने व्यवहार को बदलने की कोशिश करेगा।   
 

Related News