
नारी डेस्क: आजकल डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। गलत खानपान, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि इसके मुख्य कारण हैं। ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक मानी जाती हैं। इन्हीं से तैयार एक आसान चूर्ण घर पर बनाया जा सकता है।कई लोग इसे प्राकृतिक और सहायक उपाय के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इसे सही जानकारी और सावधानी के साथ ही लेना चाहिए।
इन 3 चीजों से बनता है यह चूर्ण?
जामुन : जामुन की सूखी गुठली को पीसकर बनाया गया पाउडर शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। यह पाचन सुधारने में भी मदद करता है।
करेला: करेले में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो इंसुलिन की तरह काम करने में मदद कर सकते हैं। इससे ब्लड शुगर संतुलित रखने में सहायता मिलती है।
गुड़मार : गुड़मार को आयुर्वेद में “मधुनाशिनी” कहा जाता है। यह मीठा खाने की इच्छा कम करने और ग्लूकोज के अवशोषण को नियंत्रित करने में सहायक मानी जाती है।
चूर्ण बनाने और लेने का तरीका
जामुन की सूखी गुठली, सूखे करेले के बीज और गुड़मार की सूखी पत्तियों को बराबर मात्रा में लेकर अच्छे से साफ कर धूप में सुखा लें। अब इन्हें मिक्सर ग्राइंडर में डालकर बारीक पाउडर बना लें। बारीक छलनी से छान लें ताकि चूर्ण महीन रहे। सुबह खाली पेट आधा चम्मच गुनगुने पानी के साथ इस चूर्ण को लिया जा सकता है। लेकिन मात्रा व्यक्ति की उम्र, शुगर लेवल और दवाओं पर निर्भर करती है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के नियमित सेवन न करें।
जरूरी सावधानियां
अगर आप पहले से डायबिटीज की दवा या इंसुलिन ले रहे हैं, तो यह चूर्ण शुगर बहुत ज्यादा कम भी कर सकता है। प्रेग्नेंट या स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसे डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। नियमित रूप से ब्लड शुगर मॉनिटर करते रहें। ध्यान रखेंयह उपाय सहायक हो सकता है, लेकिन डायबिटीज का पूरा इलाज नहीं है। डायबिटीज एक लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव कम करना और डॉक्टर की सलाह सबसे जरूरी है। प्राकृतिक उपाय सपोर्ट दे सकते हैं, लेकिन दवा का विकल्प नहीं हैं।