24 FEBTUESDAY2026 5:24:35 PM
Nari

बच्चों को किस करना पड़ सकता भारी, फैल सकती है जिंदगीभर की खतरनाक बीमारी

  • Edited By Monika,
  • Updated: 24 Feb, 2026 03:51 PM
बच्चों को किस करना पड़ सकता भारी, फैल सकती है जिंदगीभर की खतरनाक बीमारी

नारी डेस्क : नवजात शिशु को देखते ही लोग उस पर प्यार लुटाने लगते हैं। माता-पिता से लेकर रिश्तेदार तक, सभी बच्चे को गोद में लेकर किस करना चाहते हैं। हालांकि यह प्यार जताने का आम तरीका है, लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार यह आदत नवजात के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। ब्रिटेन के मशहूर डॉक्टर सरमद मेजर ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए लोगों को चेतावनी दी है कि छोटे बच्चों को किस करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे उनमें एक खतरनाक वायरस फैल सकता है, जो कई मामलों में जानलेवा भी बन जाता है।

क्यों खतरनाक है नवजात को किस करना?

डॉक्टर के मुताबिक होंठों के आसपास होने वाले छोटे दाने या छाले, जिन्हें आमतौर पर कोल्ड सोर कहा जाता है, असल में हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 (HSV-1) की वजह से होते हैं। यह वायरस बेहद संक्रामक होता है और त्वचा के संपर्क या लार के जरिए आसानी से फैल सकता है। सबसे डरावनी बात यह है कि एक बार शरीर में जाने के बाद यह वायरस जिंदगीभर खत्म नहीं होता। इलाज से सिर्फ लक्षण ठीक होते हैं, वायरस शरीर के नर्व सिस्टम में छिपा रहता है। इम्यूनिटी कमजोर होते ही यह दोबारा एक्टिव हो सकता है

PunjabKesari

घाव न हों तब भी खतरा रहता है

अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर होंठों पर कोई दाना या छाला नहीं है, तो किस करना सुरक्षित है। लेकिन डॉक्टर ने एसिम्प्टोमैटिक शेडिंग को लेकर चेताया है। इसका मतलब यह है कि वायरस बिना किसी लक्षण के भी लार और त्वचा में मौजूद हो सकता है। व्यक्ति को खुद पता नहीं चलता कि वह संक्रमण फैला रहा है। इसलिए चेहरे पर घाव न होना, बच्चे को किस करने की गारंटी नहीं है।

यें भी पढ़ें : डायबिटीज वालों के लिए चमत्कारी पत्ता, जितना खाओ उतना कंट्रोल में रहेगी शुगर

 

नवजात के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है यह वायरस?

हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि वयस्कों में यह वायरस हल्की स्किन प्रॉब्लम बनकर रह सकता है। लेकिन नवजात शिशुओं की इम्यूनिटी पूरी तरह विकसित नहीं होती। दुनिया की करीब 60% से ज्यादा आबादी इस वायरस को अपने शरीर में लिए घूम रही है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा बच्चे को किस करना, उसे सीधे इस वायरस के संपर्क में ला सकता है।

PunjabKesari

नियोनेटल हर्पीज क्या है?

जब नवजात शिशु HSV-1 से संक्रमित होता है, तो इसे नियोनेटल हर्पीज कहा जाता है। 
इसमें संक्रमण तेजी से पूरे शरीर में फैल सकता है
दिमाग तक पहुंचकर वायरल मैनिंजाइटिस (ब्रेन की सूजन) पैदा कर सकता है
कई अंगों के फेल होने का खतरा रहता है
कुछ दुर्लभ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है।

यें भी पढ़ें : अलसी खाने से कौन-सी बीमारियां ठीक होती हैं?

 

सिर्फ किस ही नहीं, इन बातों से भी फैल सकता है संक्रमण

बच्चे के साथ बर्तन साझा करना
तौलिया या कपड़े शेयर करना
बिना हाथ धोए बच्चे को छूना
पैरेंट्स के लिए जरूरी सलाह
नवजात को किस करने से खुद भी बचें और दूसरों को भी रोकें।

PunjabKesari

बच्चे की चीजें किसी और के साथ शेयर न करें

बच्चे को छूने से पहले हाथ साफ करवाएं
किसी को भी सीधे बच्चे के चेहरे के पास न जाने दें
थोड़ी सी सावधानी आपके बच्चे को जिंदगीभर की बीमारी और जानलेवा खतरे से बचा सकती है।

Related News