नारी डेस्क: आजकल कई लोगों की गर्दन पर छोटे-छोटे मस्से या स्किन टैग्स दिखाई देने लगे हैं। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस टाइप 2 डायबिटीज की सबसे बड़ी वजह होती है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस और स्किन टैग्स
इंसुलिन रेजिस्टेंस वह स्थिति है जिसमें आपके शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पातीं। इसका परिणाम यह होता है कि ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। जब यह समस्या लंबे समय तक रहती है तो यह टाइप 2 डायबिटीज में बदल सकती है। अगर आपके गले की लाइनिंग पर छोटे-छोटे मस्से हैं, तो यह शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है। अक्सर ये मस्से काले रंग के होते हैं और इनमें किसी तरह का दर्द नहीं होता।

गर्दन का कालापन भी संकेत हो सकता है
सिर्फ स्किन टैग्स ही नहीं, गर्दन के पीछे की त्वचा का काला पड़ना भी इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज का संकेत हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में Acanthosis Nigricans कहा जाता है। अगर आपके शरीर में मोटापा भी है और स्किन टैग्स दिख रहे हैं, तो यह और भी स्पष्ट संकेत है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ रहा है।
जरूरी जांच और टेस्ट
एंडोक्रिनोलॉजिस्ट की सलाह है कि अगर स्किन टैग्स और गर्दन का कालापन बढ़ रहा है, तो HbA1c और ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (OGTT) कराना चाहिए। इससे पता चलता है कि आपके ब्लड शुगर का स्तर सामान्य है या नहीं। यदि टेस्ट नॉर्मल आएं, तब भी इसका मतलब यह नहीं कि आपके शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस नहीं है। इसके लिए HOMA-IR टेस्ट कराया जाता है, जो बताता है कि शरीर इंसुलिन का कितना सही इस्तेमाल कर रहा है।
लाइफस्टाइल और वजन नियंत्रण
अक्सर स्किन टैग्स दिखने पर वजन कम करना, लाइफस्टाइल सुधारना और संतुलित खानपान अपनाना बहुत मददगार होता है। सही आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण से इंसुलिन रेजिस्टेंस कम किया जा सकता है।
स्किन टैग्स की अन्य वजहें
हर स्किन टैग का मतलब यह नहीं है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस या डायबिटीज है। अन्य कारणों में शामिल हैं
उम्र बढ़ना
जेनेटिक फैक्टर
हार्मोनल बदलाव
त्वचा पर घर्षण
गर्भावस्था या अधिक मोटापा
इसलिए केवल मस्सों को देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।

कब जांच जरूरी है
अगर आपके गले पर मस्सों के साथ-साथ ये लक्षण भी हैं
वजन बढ़ना
पेट के आसपास चर्बी जमा होना
थकान महसूस होना
ज्यादा प्यास लगना
बार-बार पेशाब आना
तो तुरंत ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल की जांच कराना समझदारी है। इससे आप डर को खत्म कर सकते हैं और असली वजह का पता लगा सकते हैं। गर्दन पर स्किन टैग्स सिर्फ दिखावे का मस्सा नहीं हैं। यह आपके शरीर की इंसुलिन रेजिस्टेंस स्थिति का संकेत हो सकता है। समय रहते जांच और लाइफस्टाइल सुधार से टाइप 2 डायबिटीज से बचाव किया जा सकता है। जागरूक रहना और डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।