18 MARWEDNESDAY2026 7:04:18 PM
Life Style

Chaitra Navratri 2026 Colors: 9 दिनों में मां दुर्गा को इन प्रिय रंगों से करें श्रृंगार

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 18 Mar, 2026 05:25 PM
Chaitra Navratri 2026 Colors: 9 दिनों में मां दुर्गा को इन प्रिय रंगों से करें श्रृंगार

नारी डेस्क:  चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त मां के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं और हर दिन उनके प्रिय रंगों से उनका श्रृंगार करते हैं। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि लाने वाला भी माना जाता है।

पहला दिन – मां शैलपुत्री (19 मार्च, बुधवार)

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है, जिन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। इस दिन सफेद और पीला रंग अत्यंत शुभ माना जाता है। सफेद रंग शुद्धता और शांति का प्रतीक है, जबकि पीला रंग खुशी और ऊर्जा का संकेत देता है। इस दिन मां को इन रंगों के वस्त्र अर्पित करने से जीवन में स्थिरता और सकारात्मक शुरुआत होती है।

PunjabKesari

दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है, जो तपस्या और त्याग की प्रतीक हैं। इस दिन पीला और केसरिया रंग विशेष रूप से शुभ माना जाता है। केसरिया रंग त्याग, साहस और भक्ति का प्रतीक है। इन रंगों के वस्त्र अर्पित करने से व्यक्ति को आत्मबल और धैर्य की प्राप्ति होती है।

तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा (शुक्रवार)

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है, जो शांति और शक्ति का संतुलन दर्शाती हैं। इस दिन गुलाबी या लाल रंग के वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। गुलाबी रंग प्रेम और करुणा का प्रतीक है, जबकि लाल रंग शक्ति और साहस का प्रतिनिधित्व करता है। इन रंगों से मां का श्रृंगार करने से जीवन में भय दूर होता है।

चौथा दिन – मां कूष्मांडा (शनिवार)

चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है, जिन्हें सृष्टि की रचयिता माना जाता है। इस दिन लाल रंग का विशेष महत्व है, जो ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है। हालांकि शनिवार होने के कारण नीले रंग का भी उपयोग किया जा सकता है, जो स्थिरता और विश्वास का संकेत देता है। इस दिन मां को इन रंगों के वस्त्र अर्पित करने से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।

PunjabKesari

पांचवां दिन – मां स्कंदमाता

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है, जो मातृत्व और करुणा की प्रतीक हैं। इस दिन लाल या नारंगी रंग के वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। नारंगी रंग उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है। इन रंगों से मां का श्रृंगार करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

छठा दिन – मां कात्यायनी

छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है, जिन्हें साहस और शक्ति की देवी माना जाता है। इस दिन गुलाबी या मैरून रंग के वस्त्र अर्पित करना शुभ होता है। ये रंग प्रेम, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। इस दिन पूजा करने से जीवन में बाधाएं दूर होती हैं।

ये भी पढ़ें:  नवरात्रि के बीच में अगर पीरियड आ जाए तो क्या करें? इन नियमों का रखें ध्यान

सातवां दिन – मां कालरात्रि

सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है, जो बुराई का नाश करने वाली देवी हैं। इस दिन चटक लाल रंग के वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। यह रंग शक्ति, साहस और सुरक्षा का प्रतीक है। मां की कृपा से भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

आठवां दिन – मां सिद्धिदात्री

आठवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो सिद्धियां और सफलता प्रदान करती हैं। इस दिन पीला और मैरून रंग अर्पित करना शुभ माना जाता है। ये रंग समृद्धि, ज्ञान और सफलता का प्रतीक हैं। इस दिन पूजा करने से व्यक्ति को सफलता और मानसिक शांति मिलती है।

नौवां दिन – राम नवमी

नवरात्रि के नौवें दिन राम नवमी का पर्व मनाया जाता है, जो भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में प्रसिद्ध है। इस दिन पूजा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। भक्त इस दिन विशेष पूजा और भोग लगाकर मां दुर्गा और भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

चैत्र नवरात्रि का महत्व

चैत्र नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का पर्व है। इन दिनों व्रत रखने से शरीर की शुद्धि होती है और मन को शांति मिलती है। मां दुर्गा की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है। इसलिए इन नौ दिनों में नियम, श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करना बेहद लाभकारी माना जाता है।  

Related News