
नारी डेस्क: बुद्ध पूर्णिमा 2026 इस साल 1 मई को मनाई जाएगी हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। इसे बुद्ध जयंती, पीपल पूर्णिमा और वैशाख पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे कर्मों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है और व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन बुध ग्रह का अस्त होना एक दुर्लभ संयोग है, जिसका असर कुछ राशियों पर पड़ने वाला है।

सिद्धि योग पर करें शुभ कार्य
इस बार वैशाख पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल 2026 को रात 9 बजकर 13 मिनट से प्रारंभ हो रही है और इसका समापन 1 मई 2026 को रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा। चूंकि सनातन परंपरा में व्रत और त्योहार उदया तिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, इसलिए बुद्ध पूर्णिमा का व्रत और पूजा 1 मई 2026, शुक्रवार को की जाएगी। मान्यता है कि इस दिन पूजा अर्चना करने और उपवास रखने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। वैशाख पूर्णिमा पर सिद्धि योग सुबह से लेकर रात 9:13 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सिद्धि योग में किए गए हर शुभ कार्य का फल कई गुना बढ़ जाता है।
आर्थिक समस्याओं के लिए करें ये उपाय
बुद्ध पूर्णिमा वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, इसलिए मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी पीपल पर वास करती हैं, इसलिए सूर्योदय होने से पहले पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद पीपल के पेड़ की 7 बार परिक्रमा करनी चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस दिन पीपल का पेड़ लगाने का भी विधान है। पीपल के पेड़ पर पानी में दूध और काले तिल मिलाकर अर्पित करने से पितर संतुष्ट होते हैं

इन राशि वालों की बदलेगी किस्मत
बुध देव कर्क राशि के दशम भाव में अस्त होंगे, ऐसे में इन राशि वालों के धन प्राप्ति के योग बनेंगे। नौकरी, व्यापार या कार्यस्थल पर आपको बड़ी जिम्मेदार मिल सकती है। बुध सिंह राशि के नवम भाव में अस्त होंगे, ऐसे में इन राशि वालों को भाग्य का पूरा-पूरा साथ मिलेगा. धन लाभ के पर्याप्त अवसर आपको मिलेंगे। अस्त होकर बुध मकर राशि के जातकों को भी लाभ देने वाला है। रोजगार से जुड़े कुछ नए मौके मिल सकते हैं।
बुद्ध पूर्णिमा पर करें ये उपाय
बुद्ध पूर्णिमा पर सुबह विष्णु पूजन के बाद पानी से भरा घड़ा और पकवान आदि का दान करें। कहते हैं कि इस दिन मिट्टी के घड़े का दान गौदान के समान होता है। इस दिन पीले वस्त्र, पंखा, चप्पल, छतरी, अनाज या फल का दान करने से पितृगण प्रसन्न होते हैं। अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अशुभ या कमजोर है तो चन्द्रमा को मजबूत बनाने के लिए भगवान शिव की उपासना सबसे ज्यादा फलदायी होती है.ञइसलिए बुद्ध पूर्णिमा पर शिव मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें, चाहें तो पूर्णिमा का उपवास भी रख सकते हैं।