नारी डेस्क: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का पर्व बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इस साल गंगा दशहरा 25 मई 2026 को मनाया जाएगा। इस खास मौके पर गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा पर श्रद्धा से किया गया दान व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है। कहा जाता है कि इस दिन जरूरतमंदों की सहायता करने से मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और कई कष्ट दूर हो सकते हैं। आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में, जिनका दान गंगा दशहरा पर बेहद शुभ माना गया है।
जल और अन्न का दान माना जाता है सबसे पुण्यदायी
गर्मी के मौसम में प्यासे लोगों को ठंडा पानी पिलाना बहुत बड़ा पुण्य माना जाता है। गंगा दशहरा के दिन आप जल से भरा घड़ा, पानी की बोतलें या राहगीरों के लिए प्याऊ की व्यवस्था कर सकते हैं। इसके साथ ही अन्न दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को चावल, आटा, दाल या भोजन कराने से घर में बरकत बनी रहती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।

छाता और पंखा दान करने से मिलती है राहत
भीषण गर्मी में जरूरतमंदों को छाता या पंखा दान करना भी बेहद शुभ माना गया है। यह दान दूसरों को धूप और गर्मी से राहत पहुंचाने का प्रतीक माना जाता है। आप हाथ वाला पंखा, कूलर फैन या सामान्य बिजली वाला पंखा अपनी क्षमता के अनुसार दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
कपड़े और चप्पल दान करने का भी है विशेष महत्व
गंगा दशहरा पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को सूती व हल्के कपड़े दान करना काफी फलदायी माना गया है। गर्मी में आराम देने वाले कपड़े किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी मदद साबित हो सकते हैं। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति नंगे पैर चलता दिखाई दे, तो उसे चप्पल या जूते दान करना भी पुण्य का काम माना जाता है। कहा जाता है कि इससे जीवन में सुख और शांति का वास होता है।
सत्तू और रसीले फलों का करें दान
गर्मी में सत्तू शरीर को ठंडक देने का काम करता है, इसलिए गंगा दशहरा पर सत्तू दान करने की परंपरा भी काफी पुरानी मानी जाती है। इसके साथ ही आप तरबूज, खरबूज, आम जैसे रसीले फलों का दान भी कर सकते हैं। यह न सिर्फ सेहत के लिए अच्छे होते हैं बल्कि जरूरतमंदों को राहत भी पहुंचाते हैं।

शरबत और दक्षिणा देने से बढ़ता है पुण्य
गंगा दशहरा के दिन ठंडे और मीठे पेय पदार्थों का दान भी शुभ माना गया है। आप राह चलते लोगों को शरबत, ठंडाई या मीठा पानी पिला सकते हैं।
इसके अलावा अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार दक्षिणा देना भी शुभ फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया दान व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी करने में सहायक होता है।
गंगा स्नान और पूजा का भी है खास महत्व
इस दिन अगर संभव हो तो गंगा नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि गंगा स्नान से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और मन को शांति मिलती है। जो लोग गंगा नदी तक नहीं पहुंच सकते, वे घर पर स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर भी पूजा कर सकते हैं। मां गंगा की आरती, मंत्र जाप और दीपदान करने से भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
श्रद्धा और सेवा भाव सबसे जरूरी
धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि किसी भी दान का सबसे बड़ा महत्व व्यक्ति की भावना और श्रद्धा में होता है। गंगा दशहरा पर जरूरतमंदों की मदद करना, पशु-पक्षियों के लिए पानी रखना और सेवा भाव से काम करना भी बेहद पुण्यदायी माना गया है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य सूचना देना है।