
नारी डेस्क: एक स्टडी के अनुसार, दूसरी जातियों की तुलना में दक्षिण एशियाई महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज़ (रजोनिवृत्ति) का खतरा ज़्यादा होता है। 'द लैंसेट ऑब्सटेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड विमेंस हेल्थ' जर्नल में छपी 26 देशों के डेटा की एनालिसिस से पता चला है कि कम और मध्यम आय वाले देशों की महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज़ का खतरा ज़्यादा होता है। दूसरी जातियों की तुलना में दक्षिण एशियाई महिलाओं में यह खतरा और भी ज़्यादा होता है, जिससे दिल की बीमारियों (कार्डियोवैस्कुलर इवेंट्स) का खतरा बढ़ जाता है।

ये है सभी देशों का डाटा
स्टडी में पाया गया कि कम और मध्यम आय वाले देशों की महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज़ का खतरा 53 प्रतिशत ज़्यादा हो सकता है। इनमें से आधी महिलाओं को 47.5 साल की उम्र तक मेनोपॉज हो जाता है, जबकि ज़्यादा आय वाले देशों में यह उम्र 50.6 साल है। ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी और यूरोप, एशिया और लैटिन अमेरिका के संस्थानों के रिसर्चर्स की एक इंटरनेशनल टीम ने पाया कि यूरोपीय महिलाओं की तुलना में दक्षिण एशियाई महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज़ का खतरा 34 प्रतिशत ज़्यादा था। अगर मेनोपॉज़ 40 साल की उम्र से पहले हो जाए तो उसे 'समय से पहले' (प्रीमैच्योर) और अगर 40-44 साल की उम्र के बीच हो तो उसे 'जल्दी' (अर्ली) मेनोपॉज कहा जाता है।
दिल की बीमारी का बढ़ जाता है खतरा
टीम ने पाया कि कम उम्र में मेनोपॉज होने का संबंध दिल की गंभीर बीमारी (जैसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक) के बढ़ते खतरे से है - जल्दी मेनोपॉज के लिए यह खतरा 14 प्रतिशत और समय से पहले मेनोपॉज के लिए 27 प्रतिशत है। जल्दी मेनोपॉज (40 से 45 वर्ष की आयु से पहले) होने से महिलाओं में लंबे समय तक हृदय रोग का जोखिम लगभग 40% तक बढ़ जाता है। एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने से धमनियों में कठोरता, कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है, जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा रहता है।

मेनोपॉज का संबंध दिल की बीमारी
रिसर्चर्स ने कहा- "ये नतीजे दुनिया भर में समय से पहले और जल्दी मेनोपॉज़ वाली महिलाओं के लिए दिल की बीमारी के खतरे को मैनेज करने की अहमियत को बताते हैं।" एनालिसिस किए गए 26 देशों में 1,11,619 महिलाओं को शामिल किया गया था। इनमें से अनुमानित 9.5 प्रतिशत महिलाओं को समय से पहले मेनोपॉज हुआ और 15.3 प्रतिशत महिलाओं को जल्दी मेनोपॉज हुआ। कम और मध्यम आय वाले देशों (LMICs) की महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज़ (रजोनिवृत्ति) का जोखिम 53 प्रतिशत अधिक था, इनमें से आधी महिलाएं 47.5 साल की उम्र तक मेनोपॉज़ तक पहुँच गईं, जबकि ज़्यादा आय वाले देशों में यह उम्र 50.6 साल थी।
26 देशों की महिलाओं से पूछे गए ये दो सवाल
टीम ने बताया कि यह अध्ययन मेनोपॉज़ से जुड़े दो सवालों - क्या आपको अभी भी पीरियड्स आते हैं? और पीरियड्स बंद हुए कितने साल हो गए हैं? को 26 देशों में एक जैसा पूछकर किया गया सबसे बड़ा अध्ययन है, जिसका मकसद समय से पहले मेनोपॉज़ के ट्रेंड और दिल से जुड़ी बीमारियों (कार्डियोवैस्कुलर इवेंट्स) पर इसके असर को समझना था। ज़्यादा आय वाले देशों की तुलना में कम और मध्यम आय वाले देशों में दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले ज़्यादा देखे गए, जबकि वहां हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और डायबिटीज़ जैसे पारंपरिक जोखिम कारक कम थे। लेखकों का कहना है कि कम आय वाले देशों की महिलाओं के लिए जल्दी या समय से पहले मेनोपॉज़ एक अतिरिक्त जोखिम कारक है।