17 JUNWEDNESDAY2026 8:48:41 AM
Nari

प्रसाद नहीं, यहां भगवान को चढ़ाई जाती हैं घड़ियां! जानें इस अनोखी परंपरा का रहस्य

  • Edited By Monika,
  • Updated: 15 Jun, 2026 01:59 PM
प्रसाद नहीं, यहां भगवान को चढ़ाई जाती हैं घड़ियां! जानें इस अनोखी परंपरा का रहस्य

नारी डेस्क : भारत आस्था और परंपराओं का देश है। यहां ऐसे कई मंदिर हैं, जो अपनी अनूठी मान्यताओं और रीति-रिवाजों के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं। कहीं भगवान को चॉकलेट का भोग लगाया जाता है तो कहीं बर्गर का भोग लगाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे मंदिर के बारे में सुना है, जहां श्रद्धालु भगवान को घड़ियां चढ़ाते हैं? सुनने में यह भले ही अजीब लगे, लेकिन मध्य प्रदेश में एक ऐसा मंदिर मौजूद है, जहां भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर घड़ी अर्पित करते हैं।

कहां स्थित है यह अनोखा मंदिर?

यह अनोखा मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन से लगभग 40 किलोमीटर दूर, उन्हेल और महिदपुर के बीच सड़क किनारे स्थित है। यहां भगवान भैरव बाबा की पूजा की जाती है। मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां आपको मंदिर परिसर, दीवारों और आसपास के पेड़ों पर सैकड़ों-हजारों घड़ियां टंगी दिखाई देंगी।

PunjabKesari

मनोकामना पूरी होने पर चढ़ाते हैं घड़ी

मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां अपनी इच्छा व्यक्त करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। इच्छा पूरी होने पर भक्त भगवान भैरव को दीवार घड़ी या कलाई घड़ी चढ़ाते हैं। यही वजह है कि समय के साथ मंदिर घड़ियों से भरता चला गया।

कैसे शुरू हुई यह परंपरा?

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वर्ष पहले एक व्यक्ति ने अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हुए मंदिर में घड़ी चढ़ाने का संकल्प लिया था। जब उसकी इच्छा पूरी हुई, तो उसने भगवान को घड़ी अर्पित की। इसके बाद यह परंपरा धीरे-धीरे लोकप्रिय होती गई और आज हजारों श्रद्धालु इसे निभाते हैं।

यें भी पढ़ें : इस नाम वाले लोग होते हैं महत्वाकांक्षी, सफलता पाने के लिए करनी पड़ती है कड़ी मेहनत

क्यों चढ़ाई जाती है घड़ी?

भक्तों का मानना है कि घड़ी समय का प्रतीक होती है। कई लोगों का विश्वास है कि भगवान को घड़ी अर्पित करने से उनका बुरा समय समाप्त होता है और जीवन में अच्छे समय की शुरुआत होती है। भारतीय संस्कृति में समय यानी 'काल' को दिव्य शक्ति माना गया है, इसलिए घड़ी चढ़ाने की यह परंपरा विशेष महत्व रखती है।

PunjabKesari

हजारों घड़ियों से सजा मंदिर

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां टंगी हजारों घड़ियां हैं। मंदिर में जगह कम पड़ने पर श्रद्धालु आसपास के पेड़ों पर भी घड़ियां बांध देते हैं। समय के साथ यह परंपरा इतनी लोकप्रिय हो चुकी है कि यह मंदिर अपनी अलग पहचान बना चुका है और दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

यें भी पढ़ें : चांदी की पायल पहनने से सेहत को मिलते हैं 5 बड़े फायदे

आस्था और विश्वास से जुड़ी यह अनोखी परंपरा भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाती है। यही कारण है कि यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं, बल्कि पर्यटकों के बीच भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

Related News