
नारी डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत द्वारा 'जेन-जेड' को 'जेनरेशन गटर' कहे जाने के बाद उनके और कॉजपा प्रवक्ता सौरव दास के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली है। कंगना ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए गत तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर मंगलवार को इंस्टाग्राम पर तीखे शब्दों में पोस्ट लिखी, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कंगना की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दास ने कहा कि उनकी भाषा अशोभनीय है।
दास ने कंगना पर 'कॉजपा लहर का लाभ लेने' की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए उनकी मानसिक स्थिरता पर सवाल उठाए। हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा सदस्य कंगना ने दास की आलोचना को खारिज करते हुए उन्हें 'पूरी तरह बेकार और बेरोजगार' करार दिया। उन्होंने 'पीटीआई वीडियो' से कहा- ''ये शब्द किसी ऐसे व्यक्ति के नहीं लगते जो मानसिक रूप से स्थिर हो, क्योंकि आप युवाओं के बारे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। अगर आपके परिवार में कोई युवा है जो 'जेन जेड' या 'जेन अल्फा' या किसी भी पीढ़ी का है, तो क्या आप उनके लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करेंगे?'' दास ने एक सांसद के तौर पर कंगना के कामकाज पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ''मेरे पास कंगना रनौत के बारे में कहने के लिए बहुत कुछ नहीं है, उनकी अपनी पार्टी के सदस्य उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। ''

कॉजपा प्रवक्ता ने कहा- ''कोई बात नहीं, मुझे लगता है कि वह कॉजपा लहर का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। हमने पहले भी कहा है कि जो कोई भी मौजूदा आंदोलन से श्रेय लेना या शोहरत हासिल करना चाहता है, वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है और कंगना भी ऐसा कर सकती हैं।'' कंगना ने इंस्टाग्राम पर एक नई पोस्ट के जरिए दास को जवाब दिया। उन्होंने कहा- ''मैंने अभी इस व्यक्ति के बारे में गूगल पर देखा और वह 28 साल का है और वह खुद को छात्र बताता है। वह खुद को छात्र कैसे बताता है, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा!!'' कंगना ने दास द्वारा उनके सांसद के तौर पर कामकाज की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भले ही वह राजनीति में नयी हों, लेकिन पिछले 20 सालों से सार्वजनिक जीवन में हैं। उन्होंने कहा,''उनकी उम्र में मेरे पास दो राष्ट्रीय पुरस्कार थे। हां, एक नए सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से दबी हुई थी क्योंकि मैं एक फिल्मकार, कलाकर, निर्माता, पटकथा लेखक और उद्यमी भी हूं। लेकिन उनके जैसा कोई व्यक्ति, जो पूरी तरह से बेकार और बेरोजगार है, वह कभी नहीं समझ पाएगा कि हर उम्र में और हर समय भारी मांग में रहने का क्या अभिप्राय होता है।''
कंगना ने कहा- ''प्रिय सौरव, तुम्हारी परेशानियां निजी हैं। तुम कोई छात्र नहीं हो तुम बस बेकार हो। चलो, कोई हुनर सीखने से शुरुआत करो। यह शुरुआत करने के लिए एक अच्छी जगह है।'' यह जुबानी जंग कंगना रनौत द्वारा युवा प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहे जाने और यह सवाल उठाए जाने पर कि''उन्हें कौन पैदा कर रहा है और पाल-पोस रहा है'' के बाद शुरू हुई। उन्होंने लिखा- "मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी एक जगह पर इतनी गंदगी नहीं देखी। जेन-जेड के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े ये वीडियो देखकर उबकाई आती है। वे जिस तरह बात कर रहे हैं और जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, मैंने पहले कभी एक ही जगह पर इतनी गंदगी, इतनी अभद्रता नहीं देखी। इन्हें कौन पैदा कर रहा है और शह दे रहा है।" कंगना के बयानों की कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम)समेत विपक्षी नेताओं और कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने आलोचना की। उन्होंने इन टिप्पणियों को असंवेदनशील और अपमानजनक बताया।