
नारी डेस्क: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को उत्तराखंड के देहरादून में स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में पासिंग आउट परेड (पीओपी) का निरीक्षण किया और कैडेट की सलामी ली। आईएमए के चेटवुड हॉल के सामने ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित 158वें सामान्य कोर्स एवं 141वें तकनीकी स्नातक कोर्स की परेड में 515 कैडेट पास आउट हुए। इनमें 481 भारतीय और 16 मित्र देशों के 34 अधिकारी कैडेट शामिल हैं।
परेड की खास बात यह रही कि आईएमए के 93 साल के इतिहास में पहली बार नौ महिला कैडेट पुरुष कैडेटों के साथ पास आउट हुईं और सेना में अधिकारी बनीं। .यह भारत के रक्षा इतिहास में पहला ऐसा मौका है NDA के सबसे पहले महिला बैच की जांबाज कैडेट्स अपनी ट्रेनिंग पूरी कर पास आउट हुई और देश की रक्षा के लिए बतौर सैन्य अधिकारी कमान संभालेंगी। मुर्मू ने अपने संबोधन में युवा अधिकारियों से कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने महिला अधिकारियों को विशेष बधाई दी और इसे नारी शक्ति का सम्मान बताया। इस अवसर पर राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के दरवाजे पहले महिलाओं के लिए पूरी तरह बंद थे.,लेकिन जून 2022 में देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के एक ऐतिहासिक और दूरगामी आदेश के बाद बेटियों के लिए एनडीए के द्वार खोले गए थे। इस पहले बैच की सफलता देश के लिए कितनी मायने रखती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आईएमए (IMA) देहरादून की पासिंग आउट परेड की समीक्षा खुद महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने खुद की। इस पूरे वायुसेना बैच में 194 पुरुष कैडेट और 37 महिला कैडेट्स शामिल हैं, जिनमें से 5 जांबाज बेटियां एनडीए के पहले महिला बैच का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।