नारी डेस्क : मां बनना हर महिला के जीवन का एक बेहद खास अनुभव होता है, लेकिन बार-बार गर्भपात (Miscarriage) होने का दर्द किसी भी परिवार को अंदर तक तोड़ सकता है। आमतौर पर मिसकैरेज के पीछे हार्मोनल समस्याएं, संक्रमण, गर्भाशय से जुड़ी दिक्कतें या अन्य मेडिकल कारण हो सकते हैं। हालांकि, कई बार हमारी रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें भी गर्भावस्था पर गंभीर असर डाल सकती हैं। हाल ही में एक गाइनेकोलॉजिस्ट ने ऐसा ही एक मामला साझा किया, जिसमें एक महिला को कई बार मिसकैरेज हो चुका था। जांच के दौरान जो वजह सामने आई, उसने डॉक्टरों को भी चिंतित कर दिया।
पांच बार हो चुका था गर्भपात
गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर के अनुसार, उनके पास एक गर्भवती महिला जांच के लिए आई थी। जांच के दौरान पता चला कि महिला की गर्भावस्था पांचवें महीने में थी, लेकिन बच्चेदानी का मुंह खुल चुका था और गर्भ में मौजूद पानी भी निकल चुका था। जब डॉक्टर ने महिला से उसके पुराने मेडिकल इतिहास के बारे में पूछा, तो पता चला कि यह पहली बार नहीं था। महिला को पहले भी कई बार गर्भपात हो चुका था।

शुरुआती महीनों में भी नहीं बच पाई प्रेग्नेंसी
डॉक्टर ने बताया कि महिला को पहले भी कई बार गर्भपात हुआ था। कुछ बार गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में ही गर्भ गिर गया, जबकि एक बार सातवें महीने में भी प्रेग्नेंसी नहीं बच सकी। इसके अलावा एक गर्भावस्था में बच्चे का विकास सही तरीके से नहीं हो पाया था। बार-बार हो रहे गर्भपात की वजह जानने के लिए डॉक्टर ने महिला और उसके पति की जीवनशैली से जुड़े सवाल पूछे।
जांच में सामने आई चौंकाने वाली आदत
बातचीत के दौरान डॉक्टर को पता चला कि महिला पहले बीड़ी और तंबाकू का सेवन करती थी। इसके अलावा जब पति के बारे में पूछा गया, तो जानकारी मिली कि वह भी स्मोकिंग करता था। यहीं से डॉक्टर को बार-बार मिसकैरेज होने की एक बड़ी वजह समझ में आई।
गर्भावस्था पर कैसे असर डालती है स्मोकिंग?
विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट में मौजूद निकोटिन और अन्य जहरीले रसायन शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं। ये पदार्थ शरीर में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान जब मां के शरीर से बच्चे तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते, तो गर्भ में पल रहे शिशु का विकास प्रभावित हो सकता है। इससे गर्भपात, समय से पहले डिलीवरी, कम वजन वाले बच्चे के जन्म और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

पैसिव स्मोकिंग भी हो सकती है खतरनाक
डॉक्टरों का कहना है कि केवल महिला का धूम्रपान करना ही नहीं, बल्कि पति की स्मोकिंग भी गर्भावस्था को प्रभावित कर सकती है। यदि महिला लगातार सिगरेट या बीड़ी के धुएं के संपर्क में रहती है, तो उसे पैसिव स्मोकिंग (Passive Smoking) कहा जाता है। पैसिव स्मोकिंग भी गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए उतनी ही हानिकारक मानी जाती है, जितनी सीधे तौर पर धूम्रपान करना।
बच्चा प्लान कर रहे हैं तो रखें इन बातों का ध्यान
यदि आप परिवार बढ़ाने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद करें।
शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाएं।
संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार फोलिक एसिड और जरूरी सप्लीमेंट्स लें।
तनाव को कम करने की कोशिश करें।
पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
डॉक्टर की सलाह: डॉक्टर का कहना है कि यदि कोई दंपति बच्चा प्लान कर रहा है, तो दोनों पार्टनर की जीवनशैली का स्वस्थ होना जरूरी है। केवल महिला ही नहीं, बल्कि पुरुष की आदतें भी गर्भधारण और शिशु के विकास को प्रभावित कर सकती हैं।

ध्यान रखें: बार-बार मिसकैरेज होने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। हर मामले में इसकी वजह धूम्रपान या तंबाकू ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए यदि किसी महिला को बार-बार गर्भपात हो रहा है, तो उसे विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच और सही इलाज जरूर करवाना चाहिए।