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फेमस एक्टर का 46 साल की उम्र में निधन,जाते-जाते 5 लोगों को दे गए नई जिंदगी

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 27 Jul, 2026 05:24 PM
फेमस एक्टर का 46 साल की उम्र में निधन,जाते-जाते 5 लोगों को दे गए नई जिंदगी

नारी डेस्क: मलयालम फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर अभिनेता मुरुगन पनाविला का 46 साल की उम्र में निधन हो गया। 25 जुलाई को उन्होंने आखिरी सांस ली। अचानक हुए इस निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। हालांकि, मुरुगन पनाविला अपने जाने के बाद भी एक ऐसी मिसाल छोड़ गए हैं, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने मृत्यु के बाद भी कई लोगों की जिंदगी रोशन कर दी।

रिहर्सल के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के मुताबिक, 21 जुलाई को मुरुगन कोझिकोड के वडाकारा में एक थिएटर परफॉर्मेंस की रिहर्सल कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ और वह मंच पर ही गिर पड़े। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तिरुवनंतपुरम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

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डॉक्टरों ने किया ब्रेन डेड घोषित

कई दिनों तक इलाज चलने के बाद 25 जुलाई को डॉक्टरों ने मुरुगन पनाविला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इस खबर ने उनके परिवार और दोस्तों को गहरे सदमे में डाल दिया। लेकिन इस मुश्किल समय में उनके परिवार ने एक बेहद नेक फैसला लिया। उन्होंने मुरुगन के अंगदान की सहमति दी, ताकि उनकी जिंदगी खत्म होने के बाद भी उनके अंग किसी जरूरतमंद के काम आ सकें।

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अंगदान से 5 लोगों को मिली नई जिंदगी

मुरुगन पनाविला के अंगदान से कई लोगों को जीवन की नई उम्मीद मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका लिवर सफलतापूर्वक एक जरूरतमंद मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, उनके दिल का वाल्व श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी को दान किया गया। उनकी दोनों कॉर्निया रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी भेजी गईं, जिससे दो लोगों की आंखों की रोशनी लौटने में मदद मिली। इसके अलावा, उनकी त्वचा को सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्किन बैंक को दान किया गया, जिसका इस्तेमाल गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के इलाज में किया जा सकेगा।

जाते-जाते भी लोगों के चेहरे पर लाई मुस्कान

मुरुगन पनाविला भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका यह कदम उन्हें हमेशा यादगार बना देगा। उनके परिवार के इस फैसले ने साबित किया कि इंसान की अच्छाई उसके जाने के बाद भी दूसरों की जिंदगी में उम्मीद बनकर रह सकती है। उनका अंगदान कई लोगों के लिए नई शुरुआत बना और यही वजह है कि मुरुगन पनाविला को सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक नेक दिल इंसान के तौर पर भी याद किया जाएगा।
  
 

 

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