
नारी डेस्क : बॉलीवुड एक्ट्रेस दिया मिर्जा ने अपने करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक खास अनुभव साझा किया है। Zoom के साथ बातचीत में उन्होंने 2004 की फिल्म ‘तुमसा नहीं देखा’ के एक गाने की शूटिंग को याद किया और बताया कि इस अनुभव ने उन्हें अपने शरीर को लेकर ज्यादा सहज, सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनना सिखाया।
500 पुरुषों की भीड़ के बीच हुई थी शूटिंग
दिया ने बताया कि फिल्म के एक गाने में उन्हें काफी बोल्ड आउटफिट में शूट करना था। उनके लिए सबसे जरूरी था कि वह सेट पर सुरक्षित और सहज महसूस करें। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान करीब 500 लोगों की भीड़ मौजूद थी, जो सभी पुरुष थे, जबकि लगभग 200 लोगों की क्रू में भी ज्यादातर पुरुष शामिल थे। एक्ट्रेस के मुताबिक, इतने लोगों के बीच शूटिंग करना उनके लिए एक ऐसा अनुभव था, जिसने उन्हें दूसरों की नजरों से प्रभावित हुए बिना खुद को स्वीकार करना सिखाया।

मर्दों की नजर से प्रभावित होना जरूरी नहीं
दिया ने बताया कि इस अनुभव के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि किसी महिला की खूबसूरती या शरीर को दूसरे लोगों की नजर से परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए। वह पुरुषों की नजर से प्रभावित हुए बिना अपनी पहचान और खूबसूरती को सेलिब्रेट कर सकती हैं। उन्होंने इस अनुभव को ‘एम्पावरिंग’ बताया। इसी बातचीत में दिया ने यह भी बताया कि वह करीब 20 साल से फिल्म की शूटिंग के दौरान आईना या मॉनिटर देखने से बचती हैं। उनका कहना है कि वह इस बात पर ज्यादा ध्यान देना चाहती हैं कि वह अपने किरदार और सीन को किस तरह महसूस कर रही हैं, न कि कैमरे पर कैसी दिख रही हैं। ‘तुमसा नहीं देखा’ साल 2004 में रिलीज हुई थी, जिसमें दिया मिर्जा और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म का निर्देशन अनुराग बसु ने किया था।