नारी डेस्क : कब्ज की समस्या काफी परेशान करने वाली हो सकती है। कई बार व्यक्ति टॉयलेट में लंबे समय तक बैठा रहता है, लेकिन फिर भी पेट ठीक से साफ नहीं हो पाता। ऐसे में बार-बार जोर लगाने से परेशानी और बढ़ सकती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान डाइट और लाइफस्टाइल बदलाव कब्ज को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं। अगर आपको भी अक्सर कब्ज रहती है, तो टॉयलेट में ज्यादा देर बैठने या बार-बार अपनी मर्जी से दवा लेने के बजाय इन आसान उपायों को आजमाया जा सकता है।
टॉयलेट सीट पर बैठने का तरीका बदलें
कब्ज में टॉयलेट पर बैठने की सही पोजिशन भी मदद कर सकती है। पैरों के नीचे एक छोटा स्टूल रखकर घुटनों को कूल्हों से थोड़ा ऊपर रखने की कोशिश करें। इससे शरीर ऐसी स्थिति में आ सकता है, जिससे मल त्याग करना अपेक्षाकृत आसान हो। टॉयलेट में बैठकर बहुत ज्यादा जोर लगाने से बचें और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत न बनाएं।

पर्याप्त पानी पिएं
पानी की कमी से मल सख्त हो सकता है, जिससे उसे बाहर निकालने में परेशानी हो सकती है। इसलिए पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। कितनी मात्रा आपके लिए सही है, यह मौसम, उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। अगर डॉक्टर ने किसी बीमारी के कारण पानी सीमित करने की सलाह दी है, तो उसी सलाह का पालन करें।
रोजाना थोड़ा एक्सरसाइज करें
लंबे समय तक बैठे रहने की आदत कब्ज की परेशानी को बढ़ा सकती है। रोजाना वॉकिंग, हल्की एक्सरसाइज या दूसरी शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। खासकर खाना खाने के बाद थोड़ी देर टहलना पाचन और आंतों की सामान्य गतिविधि के लिए फायदेमंद हो सकता है।
फाइबर से भरपूर चीजें खाएं
कब्ज से राहत के लिए डाइट में फाइबर बढ़ाना महत्वपूर्ण है। इसके लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, बीन्स और बीज जैसी चीजों को शामिल किया जा सकता है। हालांकि, फाइबर की मात्रा अचानक बहुत ज्यादा बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाएं और साथ में पर्याप्त पानी भी पिएं।

पेट की हल्की मसाज कर सकते हैं
कुछ लोगों को पेट के निचले हिस्से की हल्की मालिश से भी राहत महसूस हो सकती है। इसके लिए बिना ज्यादा दबाव डाले धीरे-धीरे पेट की मालिश की जा सकती है। अगर किसी तरह का दर्द, सूजन या अन्य परेशानी हो तो मसाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
घुटनों को छाती की तरफ लाने वाली पोजिशन
कब्ज के दौरान कुछ लोग घुटनों को हल्का मोड़कर छाती की तरफ लाने वाली पोजिशन से आराम महसूस करते हैं। इसे आराम से और बिना जोर लगाए थोड़े समय के लिए किया जा सकता है। अगर इस दौरान दर्द या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।
कब्ज में इन चीजों से बचें
ज्यादा प्रोसेस्ड फूड: पैकेज्ड स्नैक्स, फास्ट फूड और बहुत ज्यादा तला-भुना खाना आमतौर पर फाइबर में कम होता है। ऐसे खाद्य पदार्थों की जगह फाइबर युक्त और पौष्टिक चीजों को प्राथमिकता दें।
लगातार बैठे न रहें: लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलें और हल्की स्ट्रेचिंग करें।
मल त्याग की इच्छा को न रोकें: जब टॉयलेट जाने की इच्छा हो तो उसे बार-बार रोकने की आदत न बनाएं। मल रोककर रखने से कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।
बिना सलाह के दवाएं न लें: कुछ दवाएं और सप्लीमेंट कब्ज की समस्या बढ़ा सकते हैं। अगर कोई दवा लेने के बाद कब्ज की परेशानी शुरू हुई है तो उसे खुद से बंद करने के बजाय डॉक्टर से बात करें।

लैक्सेटिव (Laxative) कब लें?
अगर खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव से राहत नहीं मिल रही है, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह से लैक्सेटिव का इस्तेमाल किया जा सकता है। बार-बार या लंबे समय तक खुद से लैक्सेटिव लेना सही नहीं है। अगर कब्ज लंबे समय से बनी हुई है, बार-बार हो रही है या इसके साथ तेज पेट दर्द, उल्टी, पेट ज्यादा फूलना, मल में खून, बिना वजह वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
नोट : कब्ज से राहत के लिए कोई ऐसा घरेलू नुस्खा नहीं है जो हर व्यक्ति में निश्चित रूप से 2 मिनट में पेट साफ कर दे। सही पोजिशन, पर्याप्त पानी, फाइबर और नियमित शारीरिक गतिविधि कब्ज को मैनेज करने में मदद कर सकते हैं।