23 AUGSUNDAY2026 12:10:31 PM
Life Style

4 साल से छोटे बच्चों को न दें ये कफ सिरप , सरकार ने जारी की नई चेतावनी

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 23 Aug, 2026 09:32 AM
4 साल से छोटे बच्चों को न दें ये कफ सिरप , सरकार ने जारी की नई चेतावनी

नारी डेस्क:   छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम की दवाओं के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्लोरफेनिरामाइन मैलेट (Chlorpheniramine Maleate) और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड (Phenylephrine Hydrochloride) वाले सभी फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन यानी FDC दवाओं को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। अब इन दोनों दवाओं वाले सभी फॉर्मूलेशन पर साफ तौर पर चेतावनी देना जरूरी होगा कि इनका इस्तेमाल 4 साल से कम उम्र के बच्चों के इलाज में नहीं किया जाना चाहिए।

सभी FDC फॉर्मूलेशन पर लागू होगा नया नियम

केंद्र सरकार ने इन दोनों दवाओं के कॉम्बिनेशन वाली दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण को लेकर यह निर्देश जारी किया है। खास बात यह है कि नया आदेश केवल कुछ चुनिंदा दवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन दोनों सक्रिय घटकों वाले सभी फॉर्मूलेशन पर लागू होगा। दवा कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित दवाओं के लेबल और पैकेजिंग पर उम्र को लेकर स्पष्ट चेतावनी मौजूद हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि माता-पिता, देखभाल करने वाले और स्वास्थ्यकर्मी छोटे बच्चों को इन दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों के बारे में स्पष्ट रूप से जान सकें।

पिछले साल भी लिया गया था फैसला

केंद्र सरकार ने इससे पहले भी इन दोनों दवाओं को लेकर कदम उठाया था। पिछले साल क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले कुछ FDC पर पाबंदियां लगाई गई थीं और उनके साथ यह चेतावनी देने को कहा गया था कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इनका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अब सरकार ने इस दायरे को और बढ़ा दिया है। नए निर्देश के तहत पहले से सीमित किए गए कुछ फॉर्मूलेशन के बजाय इन दोनों घटकों वाले सभी संबंधित फॉर्मूलेशन को उम्र संबंधी चेतावनी के दायरे में लाया गया है।

PunjabKesari

विशेषज्ञों की सलाह के बाद लिया गया फैसला

सरकार का यह फैसला विशेषज्ञों की सिफारिशों के बाद आया है। मामले पर विशेषज्ञ समिति और Drugs Technical Advisory Board (DTAB) की सिफारिशों को ध्यान में रखा गया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन दवाओं के इस्तेमाल को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने का फैसला किया। सरकार का मुख्य फोकस छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम और खांसी की दवाओं के इस्तेमाल से जुड़े संभावित जोखिमों को कम करना है।

छोटे बच्चों में क्यों बढ़ जाता है जोखिम

चार साल से कम उम्र के बच्चे दवाओं के प्रभाव के प्रति बड़े बच्चों और वयस्कों की तुलना में अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। खासकर जब एक ही दवा में अलग-अलग सक्रिय घटकों का कॉम्बिनेशन मौजूद हो, तो सही मात्रा तय करने में गलती होने या दवा के साइड इफेक्ट का जोखिम बढ़ सकता है। मल्टी-इंग्रीडिएंट यानी कई दवाओं को मिलाकर बनाई गई दवाओं के इस्तेमाल में यह भी संभव है कि बच्चा किसी एक घटक को पहले से किसी दूसरी दवा के जरिए ले रहा हो। ऐसे में अनजाने में एक ही तरह के घटक की अतिरिक्त मात्रा शरीर में पहुंच सकती है।

क्लोरफेनिरामाइन मैलेट क्या करता है

क्लोरफेनिरामाइन मैलेट एक एंटीहिस्टामिन दवा है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर सर्दी-जुकाम और एलर्जी से जुड़े कुछ लक्षणों, जैसे नाक बहना और छींक आने को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इस दवा से नींद या ज्यादा सुस्ती हो सकती है। कुछ मामलों में इसके विपरीत बच्चों में बेचैनी या असामान्य उत्तेजना भी देखी जा सकती है। यही वजह है कि छोटे बच्चों में इसके इस्तेमाल को लेकर विशेष सावधानी जरूरी मानी जाती है।

ये भी पढ़ें:  रात में रोज 3 बजे उठकर यूरिन आना क्या Normalहै? जानिए कारण

फिनाइलएफ्रिन का क्या काम है

फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड एक डिकंजेस्टेंट है, जिसका इस्तेमाल नाक बंद होने जैसे लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है। यह नाक की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे सांस लेने में आसानी महसूस हो सकती है। लेकिन यह दवा शरीर में हृदय की धड़कन और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती है। छोटे बच्चों में दवा की मात्रा और उसके प्रभाव को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है।

सरकार का फोकस जोखिम कम करने पर

स्वास्थ्य मंत्रालय के इस कदम का मकसद सर्दी-जुकाम की दवाओं को लेकर माता-पिता में डर पैदा करना नहीं, बल्कि छोटे बच्चों में अनावश्यक या गलत दवा के इस्तेमाल से होने वाले संभावित नुकसान को कम करना है। खासतौर पर ऐसी दवाएं जिनमें एक साथ कई सक्रिय घटक मौजूद होते हैं, उनका इस्तेमाल बच्चों में डॉक्टर की सलाह के बिना करना जोखिम भरा हो सकता है। बच्चों के लिए दवा की जरूरत, उसकी मात्रा और अवधि उनकी उम्र, वजन और लक्षणों के आधार पर तय की जाती है।

PunjabKesari

माता-पिता के लिए क्या जरूरी है

अगर बच्चा चार साल से कम उम्र का है और उसे सर्दी, नाक बहने या नाक बंद होने जैसी समस्या है, तो अपने स्तर पर कोई कॉम्बिनेशन वाली कोल्ड मेडिसिन देने से बचना चाहिए। दवा देने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्यकर्मी की सलाह लेना बेहतर है। सर्दी-जुकाम के लक्षण सामान्य होने पर भी बच्चे को एक साथ कई दवाएं देना उचित नहीं है। खासकर ऐसी दवाओं के मामले में जिनमें एंटीहिस्टामिन और डिकंजेस्टेंट जैसे कई सक्रिय घटक शामिल हों।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला

छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम आम समस्या है और अक्सर माता-पिता जल्द राहत के लिए ओवर-द-काउंटर दवाओं का सहारा ले लेते हैं। ऐसे में सरकार का नया निर्देश दवा की पैकेजिंग पर उम्र संबंधी चेतावनी को स्पष्ट बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए नियम के बाद इन दोनों दवाओं वाले सभी संबंधित FDC फॉर्मूलेशन में यह साफ बताया जाना होगा कि चार साल से कम उम्र के बच्चों में इनका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। सरकार का उद्देश्य है कि दवाओं के इस्तेमाल में होने वाली गलतियों और संभावित प्रतिकूल प्रभावों को कम किया जा सके।  

 

Related News