नारी डेस्कः हमारा दिमाग शरीर के लगभग हर जरूरी काम को नियंत्रित करता है। सोचने-समझने, याददाश्त, बोलने, देखने, चलने-फिरने और शरीर का संतुलन बनाए रखने में ब्रेन की अहम भूमिका होती है। इसलिए ब्रेन से जुड़ी किसी समस्या में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह के संकेत दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा ब्रेन की बीमारी होना नहीं है और सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी होती है।
1. अचानक तेज सिरदर्द
बार-बार सिरदर्द होना कई सामान्य कारणों से भी हो सकता है, लेकिन अचानक बहुत तेज और असामान्य सिरदर्द गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। खासकर अगर सिरदर्द के साथ उल्टी, बेहोशी, गर्दन में अकड़न या देखने-बोलने में परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
2. हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन
अगर अचानक चेहरे, हाथ या पैर में सुन्नपन या कमजोरी, खासकर शरीर के एक तरफ महसूस हो, तो यह स्ट्रोक का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण अचानक शुरू होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
3. बोलने या समझने में परेशानी
अचानक शब्द बोलने में दिक्कत, बात अस्पष्ट होना, सही शब्द न मिलना या सामने वाले की बात समझने में परेशानी होना भी ब्रेन से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।
4. चलने और संतुलन में परेशानी
अचानक चलने में लड़खड़ाहट, शरीर का संतुलन बिगड़ना, बार-बार गिरना या बिना स्पष्ट कारण तेज चक्कर आना भी ध्यान देने योग्य लक्षण हैं। इसके पीछे ब्रेन के अलावा कान की समस्या या अन्य कारण भी हो सकते हैं।
5. देखने में बदलाव
अचानक धुंधला दिखाई देना, दो-दो चीजें नजर आना या एक या दोनों आंखों की दृष्टि अचानक कम होना गंभीर संकेत हो सकता है। ऐसे बदलाव अचानक आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
6. याददाश्त और व्यवहार में बदलाव
लगातार चीजें भूलना, रोजमर्रा के काम करने में परेशानी, अचानक भ्रमित होना, व्यक्तित्व या व्यवहार में असामान्य बदलाव जैसे लक्षण भी ब्रेन से संबंधित हो सकते हैं। हालांकि उम्र, तनाव, नींद की कमी और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं।
7. दौरा या बेहोशी
पहली बार दौरा पड़ना, अचानक बेहोश होना या कुछ समय के लिए व्यक्ति का आसपास की चीजों से अनजान हो जाना डॉक्टर द्वारा जांच की मांग करता है।
8. लगातार मतली या उल्टी
सिर्फ मतली या उल्टी आमतौर पर ब्रेन की बीमारी का संकेत नहीं होती। लेकिन अगर इसके साथ तेज सिरदर्द, देखने में बदलाव, भ्रम, कमजोरी या संतुलन बिगड़ना हो, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
स्ट्रोक के संकेत पहचानने का आसान तरीका
F.A.S.T. याद रखें: F – Face: मुस्कुराने पर चेहरा एक तरफ झुकना।
A – Arms: दोनों हाथ उठाने पर एक हाथ नीचे गिरना या कमजोरी।
S – Speech: बोलने में परेशानी या बात अस्पष्ट होना।
T – Time: समय बर्बाद न करें और तुरंत इमरजेंसी चिकित्सा सहायता लें।
खास बात: ब्रेन से जुड़े कई गंभीर लक्षण अचानक दिखाई देते हैं। ऐसे में घरेलू नुस्खों या इंतजार करने के बजाय तुरंत अस्पताल जाना सबसे जरूरी है। अगर लक्षण कुछ मिनटों बाद ठीक भी हो जाएं, तब भी चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।