नारी डेस्क : शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ना दिल की सेहत के लिए चिंता का विषय हो सकता है। खासकर LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर ज्यादा होने पर धमनियों में प्लाक जमा होने का खतरा बढ़ सकता है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। अच्छी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव कोलेस्ट्रॉल मैनेज करने में मदद कर सकते हैं। यूके की NHS (National Health Service) के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल में खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। डाइट में फाइबर से भरपूर चीजें, फल-सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स और कुछ तरह की मछलियों को शामिल किया जा सकता है। वहीं, सैचुरेटेड फैट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना बेहतर है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या खाना चाहिए?
अगर आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो डाइट में ऐसी चीजें शामिल करें जो दिल के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती हैं।
ऑयली फिश खाएं: साल्मन और मैकेरल जैसी ऑयली फिश को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।
साबुत अनाज को दें जगह: ब्राउन राइस, होलग्रेन ब्रेड और होलव्हीट पास्ता जैसे होलग्रेन फूड्स डाइट का हिस्सा बनाएं। इनमें फाइबर होता है, जो संतुलित डाइट का अहम हिस्सा है।

नट्स और बीज खाएं: बादाम, अखरोट और दूसरे बिना नमक वाले नट्स के साथ बीजों को सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है। इनमें हेल्दी फैट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं।
फल और सब्जियां बढ़ाएं: रोजाना अलग-अलग तरह के फल और सब्जियां खाना फायदेमंद हो सकता है। इनमें फाइबर समेत कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।
हेल्दी ऑयल चुनें: खाना बनाने में ऑलिव ऑयल या रेपसीड ऑयल जैसे अनसैचुरेटेड फैट वाले तेलों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, तेल की मात्रा को भी सीमित रखना जरूरी है।
इन चीजों का सेवन कम करें
हाई कोलेस्ट्रॉल होने पर सैचुरेटेड फैट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए। इनमें फैटी मीट, मक्खन, घी, क्रीम, चीज़ और कई बेकरी प्रोडक्ट्स शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा पाम ऑयल और नारियल तेल से बने खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन करने से भी बचना बेहतर है। तले-भुने और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड को भी डाइट में सीमित रखें।

सिर्फ डाइट नहीं, एक्सरसाइज भी जरूरी
कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने के लिए खान-पान के साथ शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। नियमित वॉकिंग, साइक्लिंग या स्विमिंग जैसी गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। NHS के अनुसार, वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मीडियम-इंटेंसिटी एक्टिविटी या 75 मिनट की ज्यादा तीव्रता वाली गतिविधि करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
स्मोकिंग और ज्यादा शराब से बचें
धूम्रपान हृदय और रक्त वाहिकाओं के लिए नुकसानदायक है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर ही नहीं, बल्कि सामान्य स्वास्थ्य के लिए भी स्मोकिंग छोड़ना जरूरी है। शराब का सेवन करते हैं तो उसे कम करना भी बेहतर है।

क्या हाई कोलेस्ट्रॉल के कोई लक्षण होते हैं?
हाई कोलेस्ट्रॉल की सबसे बड़ी समस्या यह है कि आमतौर पर इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। कई लोगों को तब तक इसका पता नहीं चलता जब तक ब्लड टेस्ट न कराया जाए। अगर आपकी उम्र 40 साल से ज्यादा है, वजन अधिक है या परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल अथवा हृदय रोग का इतिहास रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर नियमित जांच कराना उपयोगी हो सकता है।
नोट : सिर्फ डाइट बदलने से हर व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित हो, यह जरूरी नहीं है। अगर आपकी रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल काफी बढ़ा हुआ है या डॉक्टर ने दवा लिखी है, तो बिना सलाह के दवा बंद न करें। अपनी डाइट और एक्सरसाइज प्लान को डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार तय करना बेहतर है।