नारी डेस्क : बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई तरह के कीड़े-मकौड़ों की परेशानी भी लेकर आता है। नमी बढ़ने से कानखजूरा, मच्छर, चींटियां और खटमल तेजी से घरों में दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इनकी संख्या कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अगर संक्रमण बहुत ज्यादा हो, तो पेशेवर पेस्ट कंट्रोल कराना बेहतर विकल्प होता है।
कानखजूरा घर में आने से कैसे रोकें?
बारिश के दौरान कानखजूरा अक्सर दरवाजों की चौखट, खिड़कियों और दीवारों के कोनों से घर में घुस आते हैं। ऐसे में इन जगहों पर बेकिंग सोडा छिड़कने से नमी कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही घर की दरारों और गैप को अच्छी तरह सील करके रखें, ताकि कीड़ों के अंदर आने की संभावना कम हो।

मच्छरों से राहत पाने का आसान तरीका
बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। कुछ लोग शाम के समय कपूर और लौंग जलाकर उसकी खुशबू का इस्तेमाल करते हैं। इसकी तेज महक कुछ समय के लिए मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकती है। इसके अलावा घर में पानी जमा न होने दें और जरूरत पड़ने पर मच्छरदानी या रजिस्टर्ड मच्छररोधी उत्पादों का इस्तेमाल करें।
खटमल की समस्या से कैसे बचें?
अगर नमी की वजह से बिस्तर में खटमल दिखाई देने लगें, तो सबसे पहले गद्दे, चादर और तकिए के कवर को गर्म पानी में धोकर धूप में अच्छी तरह सुखाएं। कुछ लोग नीम के तेल और पेपरमिंट ऑयल को पानी में मिलाकर बेड के आसपास छिड़काव करते हैं। हालांकि, वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, इसलिए गंभीर संक्रमण होने पर पेस्ट कंट्रोल कराना सबसे प्रभावी उपाय है।

चींटियों को घर से दूर रखने के उपाय
अगर फर्श साफ करने के बाद भी चींटियां बार-बार दिखाई देती हैं, तो पोछे के पानी में थोड़ा सफेद सिरका मिलाया जा सकता है। सिरके की गंध चींटियों के रास्ते को बाधित करने में मदद कर सकती है। नमक का इस्तेमाल कुछ लोग घरेलू उपाय के रूप में करते हैं, लेकिन इसका प्रभाव सीमित हो सकता है। साथ ही खाने-पीने की चीजों को हमेशा ढककर रखें और रसोई को सूखा रखें।
बारिश में घर को कीड़ों से बचाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
घर में कहीं भी पानी जमा न होने दें।
दरवाजों और खिड़कियों की दरारें बंद रखें।
कूड़ेदान को रोजाना खाली करें।
रसोई और बाथरूम को सूखा रखें।
नियमित रूप से सफाई और वेंटिलेशन का ध्यान रखें।

ध्यान रखें: घरेलू नुस्खे हल्की समस्या में कुछ हद तक मदद कर सकते हैं, लेकिन ये हर स्थिति में पूरी तरह प्रभावी हों, ऐसा जरूरी नहीं है। यदि कीड़ों का संक्रमण बहुत अधिक हो या बार-बार लौट आए, तो किसी प्रमाणित पेस्ट कंट्रोल सेवा की मदद लेना बेहतर होता है।