
नारी डेस्क : खेल के मैदान में खिलाड़ियों को कई तरह की शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन चीन की लंबी दूरी की धाविका ली मेइझेन (Li Meizhen) ने ऐसी मिसाल पेश की, जिसने दुनियाभर में महिलाओं के स्वास्थ्य और खेल से जुड़े मुद्दों पर नई चर्चा छेड़ दी। मैराथन के दौरान अचानक पीरियड्स शुरू होने के बावजूद उन्होंने रेस बीच में छोड़ने के बजाय उसे पूरा करने का फैसला किया।
34वें किलोमीटर पर शुरू हुए पीरियड्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर 2024 में आयोजित हेंगशुई लेक मैराथन के दौरान 25 वर्षीय ली मेइझेन के पीरियड्स रेस के लगभग 34वें किलोमीटर पर अचानक शुरू हो गए। उस समय उनके सामने रेस छोड़ने या आगे बढ़ने का विकल्प था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंतिम करीब 8 किलोमीटर की दूरी भी पूरी की।
2 घंटे 35 मिनट में पूरी की मैराथन
शारीरिक असहजता और दर्द के बावजूद ली मेइझेन ने मैराथन 2 घंटे 35 मिनट 07 सेकंड में पूरी की। इस प्रदर्शन ने उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं के लिए आवश्यक क्वालिफिकेशन हासिल करने में मदद की। बाद में उन्होंने कहा कि अगर वह बीच में रेस छोड़ देतीं, तो उन्हें फिर से पूरी मैराथन दौड़नी पड़ती।
सोशल मीडिया पर हुई जमकर चर्चा
रेस के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ली मेइझेन की दृढ़ इच्छाशक्ति की काफी सराहना हुई। कई लोगों ने इसे महिलाओं के स्वास्थ्य, पीरियड्स से जुड़े सामाजिक नजरिए और खेलों में मौजूद वर्जनाओं पर खुलकर बात करने का अवसर बताया। हालांकि कुछ लोगों ने खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पीरियड्स और खेल: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीरियड्स के दौरान हर महिला का अनुभव अलग होता है। कुछ महिलाएं सामान्य रूप से खेल गतिविधियां जारी रख सकती हैं, जबकि कुछ को तेज दर्द, थकान या अन्य लक्षणों के कारण आराम की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए किसी भी खिलाड़ी को अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार निर्णय लेना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
कौन हैं Li Meizhen?
ली मेइझेन (Li Meizhen) चीन की एक पेशेवर लंबी दूरी की धाविका हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और मैराथन में लगातार अच्छे प्रदर्शन किए हैं। उनके प्रोफाइल के अनुसार वह चीन की शीर्ष महिला मैराथन धाविकाओं में शामिल हैं।
एक प्रेरक संदेश
ली मेइझेन की यह कहानी केवल खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, दृढ़ संकल्प और कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य पर टिके रहने का उदाहरण है। साथ ही यह महिलाओं के स्वास्थ्य और पीरियड्स जैसे प्राकृतिक विषयों पर खुलकर बात करने की जरूरत को भी सामने लाती है।