नारी डेस्क : आजकल जेल नेल पॉलिश और जेल मैनिक्योर का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लंबे समय तक टिकने वाली चमकदार नेल पॉलिश और यूवी या एलईडी लैंप से जल्दी सूखने के कारण जेल मैनिक्योर को काफी पसंद किया जाता है। लेकिन इसी बीच जेल नेल पॉलिश में इस्तेमाल होने वाले एक रसायन टीपीओ (TPO) को लेकर ब्रिटेन और यूरोप में सख्त कदम उठाए गए हैं। टीपीओ का पूरा नाम ट्राइमेथिलबेंजोइल डाइफेनिलफॉस्फिन ऑक्साइड है। इसका इस्तेमाल कुछ जेल नेल उत्पादों में किया जाता है। यह रसायन यूवी या एलईडी लैंप की रोशनी में जेल पॉलिश को जल्दी सख्त करने में मदद करता है। ब्रिटेन में 15 अगस्त 2026 से टीपीओ वाले नए सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों को बाजार में उतारने पर रोक लागू हो गई है। वहीं पहले से मौजूद ऐसे उत्पादों को 14 फरवरी 2027 तक बाजार से हटाने की समयसीमा दी गई है। यूरोपीय संघ में टीपीओ पर प्रतिबंध पहले ही 1 सितंबर 2025 से लागू हो चुका है।
क्या है टीपीओ (TPO) ?
टीपीओ (TPO) एक ऐसा रसायन है जिसे जेल नेल पॉलिश में प्रकाश-सक्रिय पदार्थ के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। जब जेल पॉलिश को विशेष यूवी या एलईडी लैंप के नीचे रखा जाता है, तो यह रसायन पॉलिश को सख्त करने की प्रक्रिया में मदद करता है। यही कारण है कि जेल नेल पॉलिश सामान्य नेल पॉलिश की तुलना में ज्यादा समय तक नाखूनों पर टिकी रह सकती है और उसकी चमक भी बनी रहती है। हालांकि, हर जेल नेल पॉलिश में टीपीओ मौजूद नहीं होता। बाजार में टीपीओ-मुक्त जेल नेल उत्पाद भी उपलब्ध हैं।

टीपीओ को लेकर क्यों उठे सवाल?
टीपीओ को लेकर मुख्य चिंता इसके प्रजनन स्वास्थ्य पर संभावित प्रभावों से जुड़ी है। यूरोपीय नियामकीय प्रक्रिया में इसे प्रजनन क्षमता से जुड़े जोखिम वाले रसायन के रूप में वर्गीकृत किया गया। इसी के बाद यूरोपीय संघ ने सौंदर्य प्रसाधनों में इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी। यहां यह समझना जरूरी है कि किसी रसायन का खतरनाक वर्गीकरण और सामान्य इस्तेमाल के दौरान व्यक्ति को होने वाला वास्तविक जोखिम एक ही बात नहीं है। जोखिम इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति के संपर्क में रसायन कितनी मात्रा में और किस तरह आता है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि टीपीओ वाली जेल नेल पॉलिश लगाने से हर व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी नुकसान होगा। लेकिन नियामकीय बदलावों के बाद उपभोक्ताओं के लिए इसके बारे में जानकारी रखना जरूरी हो गया है।
ब्रिटेन में जेल मैनिक्योर पर नहीं लगा प्रतिबंध
टीपीओ (TPO) को लेकर ब्रिटेन के नियमों को समझते समय एक बात का ध्यान रखना जरूरी है। ब्रिटेन में जेल मैनिक्योर या जेल नेल पॉलिश पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। रोक उन सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों पर है जिनमें टीपीओ का इस्तेमाल किया गया है। यानी टीपीओ-मुक्त जेल नेल उत्पादों के साथ मैनिक्योर किया जा सकता है। पहले से मौजूद टीपीओ वाले उत्पादों को हटाने के लिए भी समय दिया गया है। इसका उद्देश्य सैलून और आपूर्तिकर्ताओं को अपने पुराने उत्पादों को बदलने का मौका देना है।

भारत में क्यों बढ़ी चिंता?
भारत में भी जेल मैनिक्योर और नेल आर्ट का चलन तेजी से बढ़ रहा है। बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी ऐसे सैलून आसानी से मिल जाते हैं। जेल नेल पॉलिश के लिए यूवी और एलईडी लैंप का इस्तेमाल भी आम हो गया है। ऐसे में विदेशों में किसी सौंदर्य प्रसाधन में इस्तेमाल होने वाले रसायन को लेकर किए जा रहे नियामकीय बदलाव भारतीय उपभोक्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। भारतीय वन सेवा के अधिकारी परवीन कासवान ने भी सोशल मीडिया पर टीपीओ को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने सौंदर्य प्रसाधन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की स्पष्ट जानकारी और सुरक्षित विकल्पों की जरूरत पर जोर दिया।
जेल मैनिक्योर कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप जेल नेल पॉलिश या जेल मैनिक्योर करवाते हैं तो कुछ आसान सावधानियां अपना सकते हैं।
उत्पाद की सामग्री जरूर पढ़ें: सैलून में इस्तेमाल होने वाले जेल नेल उत्पाद की बोतल या पैकेट पर दी गई सामग्री की सूची जरूर देखें। अगर सामग्री की जानकारी नहीं दी गई है तो सैलून से इसके बारे में पूछें।
टीपीओ (TPO) -मुक्त विकल्प मांगें: अगर आप टीपीओ (TPO) को लेकर चिंतित हैं तो सैलून से पूछ सकते हैं कि क्या उनके पास टीपीओ-मुक्त जेल नेल पॉलिश उपलब्ध है।
बिना लेबल वाले उत्पादों से बचें: ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है जिन पर निर्माता, सामग्री या इस्तेमाल से जुड़ी जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से मौजूद न हो।
नाखूनों की स्थिति पर ध्यान दें: जेल मैनिक्योर के बाद अगर नाखूनों या आसपास की त्वचा में जलन, खुजली, लालिमा, सूजन या दर्द जैसी समस्या दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज न करें।
बार-बार जेल मैनिक्योर कराने से बचें: लगातार जेल मैनिक्योर कराने की बजाय बीच-बीच में नाखूनों को आराम देना और उनकी स्थिति पर ध्यान देना बेहतर है।
सिर्फ टीपीओ-मुक्त होना ही काफी नहीं: यह भी जरूरी है कि किसी उत्पाद पर टीपीओ-मुक्त लिखा होने का मतलब यह न समझें कि उसमें मौजूद हर दूसरा रसायन पूरी तरह सुरक्षित है।
जेल नेल उत्पादों में कई तरह के रसायन इस्तेमाल किए जा सकते हैं और प्रत्येक की अपनी सुरक्षा संबंधी जानकारी होती है। इसलिए पूरी सामग्री सूची देखना और विश्वसनीय ब्रांड के उत्पादों का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर तरीका है।

क्या भारत में जेल नेल पॉलिश पर रोक है?
नहीं। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में टीपीओ (TPO) को लेकर किए गए नियामकीय बदलावों का मतलब यह नहीं है कि भारत में जेल नेल पॉलिश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारतीय ग्राहकों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे जागरूक रहें और सैलून में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की जानकारी लें। अगर आप नियमित रूप से जेल मैनिक्योर करवाते हैं तो उत्पाद की सामग्री और निर्माता की जानकारी जरूर जांचें।
नोट: यानी खूबसूरत और चमकदार नाखूनों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और इस्तेमाल किए जा रहे उत्पाद की जानकारी पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है।