31 MAYSUNDAY2026 4:06:13 PM
Nari

महिलाओं में विटामिन D की कमी बढ़ा सकती है गंभीर बीमारियों का खतरा

  • Edited By Monika,
  • Updated: 31 May, 2026 03:17 PM
महिलाओं में विटामिन D की कमी बढ़ा सकती है गंभीर बीमारियों का खतरा

नारी डेस्क : विटामिन D को अक्सर "सनशाइन विटामिन" कहा जाता है, क्योंकि इसका सबसे बड़ा स्रोत सूर्य की रोशनी है। यह पोषक तत्व न केवल हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है, बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भी जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में विटामिन D की कमी तेजी से बढ़ रही है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) , गठिया और हड्डियों से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

क्यों जरूरी है विटामिन D?

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण (Absorption) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि शरीर में विटामिन D की कमी हो, तो पर्याप्त कैल्शियम लेने के बावजूद हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। यही कारण है कि हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए केवल कैल्शियम ही नहीं, बल्कि विटामिन D भी उतना ही आवश्यक माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हड्डियों के विकास, उनकी मरम्मत और मांसपेशियों के सही कामकाज के लिए विटामिन D बेहद जरूरी है। इसकी कमी से शरीर में कमजोरी, जोड़ों में दर्द और बार-बार फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ सकता है।

PunjabKesari

महिलाओं में क्यों बढ़ रही है कमी?

महिलाओं में विटामिन D की कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बढ़ती उम्र के साथ त्वचा की विटामिन D बनाने की क्षमता कम होने लगती है। इसके अलावा, घर के अंदर ज्यादा  समय बिताना, धूप से बचना और असंतुलित खानपान भी इसकी प्रमुख वजहें हैं। रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे हड्डियां तेजी से कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में विटामिन D की कमी ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) के खतरे को और बढ़ा सकती है।

यें भी पढ़ें : अब दवाइयों से मिल सकती है छुट्टी! ये थेरेपी खराब Cholesterol को निकाल फेंकेगी बाहर

ऑस्टियोपोरोसिस का बढ़ता खतरा

ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियां कमजोर और भंगुर हो जाती हैं। इस बीमारी में मामूली चोट लगने पर भी हड्डियां टूट सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन D की कमी इस बीमारी के प्रमुख कारणों में से एक है। जब शरीर में विटामिन D का स्तर कम होता है, तो कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित होता है। इससे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ जाता है।

PunjabKesari

40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को विशेष सावधानी

डॉक्टर का मानना है कि 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को नियमित रूप से अपने विटामिन D स्तर की जांच करवानी चाहिए। यदि शरीर में इसकी कमी पाई जाती है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट्स लिए जा सकते हैं। हालांकि, बिना डॉक्टर की सलाह के विटामिन D सप्लीमेंट्स लेना नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

विटामिन D की कमी के लक्षण

हड्डियों और जोड़ों में दर्द
मांसपेशियों में कमजोरी
जल्दी थकान महसूस होना
बार-बार बीमार पड़ना
मूड में बदलाव और उदासी
हड्डियों का कमजोर होना।

यें भी पढ़ें : गर्मी में जरूर खाएं ये बीज, महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद

विटामिन D की कमी कैसे पूरी करें?

धूप का सही समय चुनें : विटामिन D प्राप्त करने के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच की धूप सबसे प्रभावी मानी जाती है। सप्ताह में कई बार 10 से 30 मिनट तक धूप में रहना फायदेमंद हो सकता है।

PunjabKesari

विटामिन D युक्त खाद्य पदार्थ खाएं

अपने आहार में इन चीजों को शामिल करें
अंडे की जर्दी
मशरूम
फोर्टिफाइड दूध और डेयरी उत्पाद
वसायुक्त मछलियां
फोर्टिफाइड अनाज। 

नियमित जांच करवाएं: यदि आप धूप में कम निकलते हैं या आपको विटामिन D की कमी का जोखिम है, तो समय-समय पर रक्त जांच करवाना बेहतर रहेगा।

विटामिन D की कमी महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। यह न केवल हड्डियों को कमजोर करती है बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) और फ्रैक्चर जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकती है। संतुलित आहार, पर्याप्त धूप और नियमित स्वास्थ्य जांच के जरिए इस कमी से बचा जा सकता है। यदि आपको विटामिन D की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और सही उपचार शुरू करें।

Related News