नारी डेस्क : कई लोगों को सोते समय मुंह खोलकर या मुंह से सांस लेने की आदत होती है। ज्यादातर लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, नींद के दौरान लगातार मुंह से सांस लेना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि नाक की रुकावट, एलर्जी, स्लीप एपनिया या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। यदि इसके साथ खर्राटे, सुबह मुंह सूखना, सिरदर्द या दिनभर थकान जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो समय रहते इसकी वजह जानना जरूरी है। आइए जानते हैं कि सोते समय मुंह से सांस लेने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं, इसके संकेत क्या हैं और कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
सोते समय मुंह से सांस लेने के संभावित कारण
नाक बंद होना
अगर आपको सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन या एलर्जी है, तो नाक बंद हो सकती है। ऐसी स्थिति में शरीर पर्याप्त ऑक्सीजन लेने के लिए मुंह से सांस लेना शुरू कर देता है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

स्लीप एपनिया (Sleep Apnea)
स्लीप एपनिया एक गंभीर नींद संबंधी खराबी, है, जिसमें सोते समय सांस बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है। इस दौरान व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है। इसके साथ तेज खर्राटे, रात में कई बार नींद खुलना और दिनभर थकान महसूस होना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
एलर्जी
धूल, परागकण (Pollen), पालतू जानवरों के बाल या अन्य एलर्जी की वजह से नाक के अंदर सूजन आ सकती है। इससे नाक से सामान्य रूप से सांस लेना मुश्किल हो जाता है और व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है।
टेढ़ी नाक की हड्डी (Deviated Nasal Septum)
नाक के बीच की हड्डी टेढ़ी होने पर एक या दोनों नथुनों से हवा का प्रवाह कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में सोते समय मुंह से सांस लेने की समस्या हो सकती है। यदि यह परेशानी लंबे समय से है, तो ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

बढ़े हुए टॉन्सिल या एडेनॉइड्स
बच्चों और कुछ वयस्कों में बढ़े हुए टॉन्सिल या एडेनॉइड्स भी सांस की नली को आंशिक रूप से बंद कर सकते हैं, जिससे सोते समय मुंह से सांस लेने की समस्या हो सकती है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
यदि मुंह से सांस लेने के साथ ये लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
सुबह उठने पर मुंह या गला सूखना
तेज खर्राटे आना
रात में बार-बार नींद खुलना
सुबह सिरदर्द होना
दिनभर थकान या नींद महसूस होना
सांस लेने में कठिनाई।

अगर ऐसा हो तो क्या करना चाहिए
सोने से पहले नाक साफ रखें।
एलर्जी की समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
पर्याप्त पानी पिएं ताकि मुंह सूखने की समस्या कम हो।
अगर खर्राटे और सांस रुकने जैसी समस्या बार-बार हो रही है, तो स्लीप स्टडी (Sleep Study) कराने की सलाह दी जा सकती है।
लंबे समय तक मुंह से सांस लेने की समस्या को नजरअंदाज न करें।
सोते समय कभी-कभार मुंह से सांस लेना सामान्य हो सकता है, खासकर सर्दी या नाक बंद होने की स्थिति में। लेकिन यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है और इसके साथ खर्राटे, दिनभर थकान, सुबह सिरदर्द या बार-बार नींद खुलने जैसे लक्षण भी हों, तो यह स्लीप एपनिया या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। समय रहते विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर रहता है।