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गले में दर्द क्यों होता है? जानिए किन बीमारियों का हो सकता है संकेत और कब हो जाएं सतर्क

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 12 Jul, 2026 03:40 PM
गले में दर्द क्यों होता है? जानिए किन बीमारियों का हो सकता है संकेत और कब हो जाएं सतर्क

 नारी डेस्क: गले में दर्द (Sore Throat) एक ऐसी समस्या है, जिसका सामना लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी करता है। मौसम में बदलाव, वायरल संक्रमण या ठंडी चीजें खाने के बाद गले में खराश और दर्द होना आम बात है। अधिकांश मामलों में यह परेशानी कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाती है। लेकिन कई बार लगातार बना रहने वाला या तेज गले का दर्द किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में इसके कारणों को समझना और जरूरत पड़ने पर समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

वायरल इंफेक्शन की वजह से हो सकता है गले में दर्द

गले में दर्द का सबसे सामान्य कारण वायरल इंफेक्शन होता है। सर्दी-जुकाम, फ्लू या अन्य वायरल संक्रमण के दौरान गले में खराश, दर्द और जलन महसूस हो सकती है। इसके साथ खांसी, बुखार, नाक बहना, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। वायरल संक्रमण में आमतौर पर कुछ दिनों के आराम, पर्याप्त पानी पीने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने से राहत मिल जाती है।

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बैक्टीरियल इंफेक्शन भी बन सकता है कारण

हर गले का दर्द वायरल संक्रमण की वजह से नहीं होता। कई बार बैक्टीरिया के कारण भी गले में गंभीर संक्रमण हो सकता है। इस स्थिति में गले में तेज दर्द, खाना निगलने में कठिनाई, तेज बुखार और टॉन्सिल पर सफेद या पीले रंग के धब्बे दिखाई दे सकते हैं। ऐसे मामलों में डॉक्टर जांच के बाद जरूरत पड़ने पर एंटीबायोटिक दवाएं लिख सकते हैं। इसलिए बिना सलाह के खुद से दवा लेने से बचना चाहिए।

टॉन्सिलाइटिस में बढ़ जाती है परेशानी

टॉन्सिलाइटिस यानी टॉन्सिल में सूजन आने पर भी गले में तेज दर्द हो सकता है। यह समस्या वायरल और बैक्टीरियल दोनों संक्रमणों की वजह से हो सकती है। टॉन्सिलाइटिस होने पर गले में दर्द के साथ बुखार, निगलने में परेशानी, मुंह से बदबू और गर्दन की लिम्फ नोड्स में सूजन भी महसूस हो सकती है। अगर बार-बार टॉन्सिल में संक्रमण हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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एलर्जी भी बन सकती है गले में खराश की वजह

कई लोगों में गले का दर्द किसी संक्रमण की वजह से नहीं बल्कि एलर्जी के कारण होता है। धूल, धुआं, परागकण, पालतू जानवरों के बाल या सिगरेट के धुएं के संपर्क में आने से गले में जलन और खराश हो सकती है। इसके साथ छींक आना, आंखों में खुजली, नाक बहना और बंद नाक जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे मामलों में एलर्जी पैदा करने वाले कारणों से दूरी बनाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना फायदेमंद होता है।

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एसिड रिफ्लक्स भी कर सकता है गले में दर्द

अगर पेट का एसिड बार-बार भोजन नली के जरिए गले तक पहुंचने लगे, तो इसे एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स (GERD) कहा जाता है। इस स्थिति में गले में जलन, लगातार खराश, सुबह उठने पर गले में दर्द, आवाज बैठना और बार-बार गला साफ करने की इच्छा महसूस हो सकती है। मसालेदार भोजन, देर रात खाना, धूम्रपान और कुछ गलत खान-पान की आदतें इस समस्या को बढ़ा सकती हैं।

धूम्रपान और प्रदूषण का भी पड़ता है असर

सिगरेट का धुआं, ई-सिगरेट का एरोसोल और लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने से भी गले की अंदरूनी परत में जलन हो सकती है। इससे गले में लगातार दर्द, सूखापन और खराश की शिकायत बनी रह सकती है। ऐसे लोगों में संक्रमण का खतरा भी अधिक हो सकता है।

कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए

अगर गले का दर्द एक सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे या इसके साथ तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, खाना या पानी निगलने में अत्यधिक दिक्कत, गर्दन में ज्यादा सूजन या मुंह पूरी तरह न खुल पाने जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। लगातार रहने वाला गले का दर्द किसी गंभीर संक्रमण या दूसरी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।

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गले का दर्द होने पर क्या करें

गले की तकलीफ कम करने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पिएं। नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करने से भी राहत मिल सकती है। बहुत ठंडी, तली-भुनी और ज्यादा मसालेदार चीजों से कुछ समय के लिए परहेज करें। पर्याप्त आराम करें और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाए रखें। अगर दर्द लगातार बना रहे या लक्षण बढ़ते जाएं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच कराएं।

गले में दर्द ज्यादातर मामलों में वायरल संक्रमण या सामान्य कारणों से होता है और कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। हालांकि, अगर यह बार-बार हो, लंबे समय तक बना रहे या इसके साथ गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही समय पर जांच और उचित इलाज से अधिकांश समस्याओं का आसानी से समाधान किया जा सकता है।
 
 

 

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