नारी डेस्क : कई बार हमारे साथ ऐसा होता है कि अचानक तेज पेशाब लगती है और हम किसी तरह उसे कंट्रोल कर लेते हैं। लेकिन कभी-कभी पेशाब की इच्छा इतनी तेज होती है कि कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है और टॉयलेट पहुंचने से पहले ही यूरिन लीक हो जाती है। अगर ऐसा एक-दो बार हो तो आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसे Urinary Urgency कहा जाता है। इसमें कई बार ब्लैडर पूरी तरह भरा न होने के बावजूद अचानक और तेज पेशाब करने की इच्छा होती है। यह खुद कोई बीमारी नहीं, बल्कि UTI, ओवरएक्टिव ब्लैडर, पथरी, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का लक्षण हो सकती है। इसलिए बार-बार ऐसी परेशानी होने पर इसके सही कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Urinary Urgency के साथ दिख सकते हैं ये लक्षण
अगर अचानक पेशाब लगने की समस्या बार-बार हो रही है, तो इन लक्षणों पर भी ध्यान दें
दिन में सामान्य से ज्यादा बार पेशाब आना
रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना
टॉयलेट पहुंचने से पहले यूरिन लीक हो जाना
पेशाब रोकने में परेशानी होना
पेशाब करने के बाद भी ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने जैसा महसूस होना
पेट के निचले हिस्से या पेल्विक क्षेत्र में दर्द या असहजता
पेशाब करते समय जलन या दर्द होना
यूरिन में खून दिखाई देना
इनमें से कोई लक्षण लगातार बना रहे या तेजी से बढ़ रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

अचानक तेज पेशाब आने के क्या कारण हो सकते हैं?
Urinary Urgency के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI): UTI होने पर बार-बार और अचानक तेज पेशाब लग सकती है। इसके साथ पेशाब करते समय जलन, दर्द, बदबूदार यूरिन या पेल्विक क्षेत्र में असहजता भी हो सकती है।
ओवरएक्टिव ब्लैडर (Overactive Bladder) : ओवरएक्टिव ब्लैडर में ब्लैडर की मांसपेशियां जरूरत से पहले सिकुड़ सकती हैं। इसके कारण अचानक तेज पेशाब लगना और बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस हो सकती है।
ब्लैडर स्टोन: मूत्राशय में पथरी होने पर ब्लैडर में जलन या दबाव महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार या अचानक पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
प्रोस्टेट का बढ़ना: पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या हो सकती है। इससे पेशाब शुरू करने में परेशानी, बार-बार पेशाब आना या ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने जैसी समस्या हो सकती है।
कब्ज: गंभीर या लंबे समय तक रहने वाली कब्ज की स्थिति में आंतों का दबाव ब्लैडर पर पड़ सकता है। इससे पेशाब की अर्जेंसी या बार-बार पेशाब आने की समस्या बढ़ सकती है।
मेनोपॉज़: महिलाओं में मेनोपॉज़ के दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण यूरिनरी सिस्टम में भी बदलाव हो सकते हैं। कुछ महिलाओं को इस दौरान Urinary Urgency या यूरिन लीकेज जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
डायबिटीज: डायबिटीज में बार-बार पेशाब आना एक सामान्य लक्षण हो सकता है। यदि इसके साथ बहुत ज्यादा प्यास लगना या अन्य लक्षण भी मौजूद हों, तो डॉक्टर से जांच कराना उचित है।

किन लोगों में ज्यादा हो सकती है यह समस्या?
Urinary Urgency किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन इसका जोखिम कुछ लोगों में अधिक हो सकता है।
जैसे-अधिक उम्र के लोग
डायबिटीज से जूझ रहे लोग
मेनोपॉज़ के दौरान महिलाएं
बार-बार UTI होने वाले लोग
कब्ज की समस्या से परेशान लोग
पुरुषों में प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या वाले लोग।
ऐसा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
अचानक पेशाब लगना कभी-कभी सामान्य कारणों से भी हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार या बार-बार हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें। खासकर पेशाब में खून, तेज दर्द, बुखार, कमर या पीठ में दर्द, पेशाब करने में परेशानी या यूरिन पूरी तरह रुक जाने जैसी स्थिति में जल्द मेडिकल सहायता लेना जरूरी है।

Urinary Urgency का इलाज कैसे होता है?
इलाज पूरी तरह इसके कारण पर निर्भर करता है। डॉक्टर लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट या जरूरत के अनुसार अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
समस्या के कारण के अनुसार डॉक्टर कुछ उपाय सुझा सकते हैं
जैसे: Bladder Training
पेशाब करने का नियमित शेड्यूल बनाना
जरूरत के अनुसार तरल पदार्थों का समय निर्धारित करना
कैफीन का सेवन कम करना
शराब से बचना या सेवन कम करना
Pelvic Floor Exercises करना
UTI या अन्य संक्रमण होने पर उचित उपचार लेना
Overactive Bladder या दूसरी समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेना।
अचानक बहुत तेज पेशाब लगना और उसे रोक न पाना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर यह बार-बार हो रहा है तो इसके कारण की जांच जरूर करानी चाहिए। Urinary Urgency के पीछे UTI, Overactive Bladder, पथरी, प्रोस्टेट की समस्या, कब्ज, डायबिटीज या मेनोपॉज़ जैसे कई कारण हो सकते हैं। सही कारण का पता लगाकर उचित इलाज किया जा सकता है।