नारी डेस्क: बारिश के मौसम में बाजार में कई तरह की हरी और मौसमी सब्जियां आसानी से मिल जाती हैं। इनमें लौकी, कद्दू और तुरई के साथ कुंदरू भी शामिल है। स्वाद में सामान्य और दिखने में परवल जैसा नजर आने वाला कुंदरू पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी माना जाता है। नियमित खानपान में इसे शामिल करने से पाचन तंत्र को बेहतर रखने से लेकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने तक में मदद मिल सकती है। आजकल खुद को फिट रखने के लिए लोग अपनी डाइट पर खास ध्यान देते हैं। कोई हरी सब्जियों को खाने में शामिल कर रहा है तो कोई फल और ड्राई फ्रूट्स को प्राथमिकता दे रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार जरूरी है। ऐसे में मौसम के अनुसार मिलने वाली सब्जियां भी डाइट का अहम हिस्सा हो सकती हैं।
कुंदरू में पाए जाते हैं कई पोषक तत्व
कुंदरू देखने में परवल जैसा लगता है, लेकिन इसका आकार अपेक्षाकृत छोटा और चौड़ाई कम होती है। इसमें विटामिन सी, बी और के के साथ फाइबर, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी बताए जाते हैं। रायबरेली जिले के राजकीय आयुष चिकित्सालय शिवगढ़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस, लखनऊ विश्वविद्यालय) के अनुसार, कुंदरू को डाइट में शामिल करना सामान्य तौर पर फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह सब्जी केवल बारिश के मौसम में ही नहीं, बल्कि अन्य मौसमों में भी खाई जा सकती है।
ब्लड शुगर को मैनेज करने में मदद
डॉ. स्मिता श्रीवास्तव के मुताबिक, कुंदरू में मौजूद कुछ यौगिक ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से इसे डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए उपयोगी सब्जियों में गिना जाता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को अपनी दवाओं या इलाज के साथ किसी भी खाद्य पदार्थ को उपचार का विकल्प नहीं मानना चाहिए।

पाचन के लिए भी फायदेमंद
कुंदरू में फाइबर की मात्रा होने के कारण इसे पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा माना जाता है। खाने में फाइबर की पर्याप्त मात्रा पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है। यही वजह है कि संतुलित डाइट में कुंदरू जैसी फाइबर वाली सब्जियों को शामिल किया जा सकता है।
वजन कम करने की कोशिश में भी उपयोगी
जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी कुंदरू डाइट का हिस्सा बन सकता है। सब्जियों में मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, केवल कुंदरू खाने से वजन कम नहीं होता। वजन घटाने के लिए संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
इम्यूनिटी और शरीर की सेहत के लिए मददगार
कुंदरू में विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को पोषण देने में भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञ के अनुसार, इसे डाइट में शामिल करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को संक्रमण से बचाव में भी सहायक हो सकते हैं।
हृदय और ब्लड प्रेशर के लिए भी बताया उपयोगी
डॉ. स्मिता के अनुसार, कुंदरू का सेवन हृदय की सेहत और ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को इसे इलाज के तौर पर नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही डाइट में बदलाव करना बेहतर है।

किडनी स्टोन को लेकर भी किया गया दावा
विशेषज्ञ ने कुंदरू के सेवन को किडनी स्टोन की समस्या में भी फायदेमंद बताया है। हालांकि, किडनी स्टोन कई कारणों से हो सकता है और इसके इलाज के लिए व्यक्ति की स्थिति के अनुसार चिकित्सकीय सलाह जरूरी होती है। इसलिए केवल किसी एक सब्जी के सेवन पर निर्भर रहना उचित नहीं है।
कुंदरू खरीदते समय इस बात का रखें ध्यान
कुंदरू का सेवन करते समय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। डॉ. स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार, सब्जी के लिए कच्चे और सही अवस्था वाले कुंदरू का इस्तेमाल करना चाहिए। बहुत ज्यादा पका हुआ कुंदरू खाने से बचने की सलाह दी गई है। कुंदरू की सब्जी बनाकर इसे रोजमर्रा के संतुलित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही डाइट में बदलाव करना चाहिए।