14 AUGFRIDAY2026 10:33:24 AM
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बारिश के मौसम में इन गलतियों की वजह से बढ़ सकता है  Skin Infection

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 14 Aug, 2026 09:17 AM
बारिश के मौसम में इन गलतियों की वजह से बढ़ सकता है  Skin Infection

नारी डेस्क:  बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इस दौरान बढ़ी हुई नमी और उमस त्वचा के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। लगातार पसीना आना, त्वचा का लंबे समय तक गीला रहना और साफ-सफाई में थोड़ी सी लापरवाही कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है। खासतौर पर पैरों, जांघों, बगल और त्वचा की सिलवटों वाले हिस्सों में फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। कई बार समस्या सिर्फ मौसम की वजह से नहीं होती, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें भी इसे बढ़ावा देती हैं। गीले कपड़े या मोजे लंबे समय तक पहने रखना, शरीर को ठीक से न सुखाना और बिना सलाह के कोई क्रीम लगा लेना ऐसी ही कुछ गलतियां हैं। आइए जानते हैं बरसात में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े पहने रहना

बारिश में भीगने के बाद कपड़े बदलने में देरी करना त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। गीले कपड़े शरीर से चिपके रहते हैं और त्वचा को लंबे समय तक नमी के संपर्क में रखते हैं। कमर, बगल और जांघों जैसे हिस्सों में पसीना और नमी जमा होने से खुजली, जलन, लालिमा और रैशेज जैसी दिक्कत हो सकती है। इसलिए बारिश में भीगने के बाद जितनी जल्दी संभव हो, गीले कपड़े बदल लें। साफ कपड़े पहनने से पहले शरीर को अच्छी तरह सुखाना भी उतना ही जरूरी है। खासकर त्वचा की सिलवटों वाले हिस्सों में नमी न रहने दें।

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गीले जूते और मोजे पहनकर घूमते रहना

मानसून में पैरों की देखभाल को नजरअंदाज करना भी भारी पड़ सकता है। बारिश के पानी से गीले हुए मोजे और जूते अगर लंबे समय तक पहने रहें तो पैरों के आसपास नमी बनी रहती है। गर्म और नम वातावरण फंगल इंफेक्शन के लिए अनुकूल हो सकता है।ऐसे में पैरों में खुजली, लालिमा, त्वचा का छिलना या उंगलियों के बीच सफेद पड़ने जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। गीले मोजों को तुरंत बदलें और पैरों को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही सूखे मोजे पहनें। जूतों को भी इस्तेमाल के बाद पूरी तरह सूखने दें और संभव हो तो रोज एक ही जोड़ी गीले जूते पहनने से बचें।

नहाने या भीगने के बाद शरीर को ठीक से न सुखाना

सिर्फ कपड़े बदल लेना ही पर्याप्त नहीं है। नहाने या बारिश में भीगने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है। खासतौर पर पैर की उंगलियों के बीच, बगल, कमर और त्वचा की अन्य सिलवटों में पानी या नमी रह जाने से परेशानी बढ़ सकती है। इसके लिए साफ और सूखे तौलिये का इस्तेमाल करें और शरीर को रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से सुखाएं। पैरों की उंगलियों के बीच जैसे हिस्सों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि वहां नमी आसानी से बनी रह सकती है।

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घर में एक-दूसरे का तौलिया इस्तेमाल करना

परिवार में तौलिया साझा करना आम बात है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को त्वचा का संक्रमण है तो ऐसा करने से बचना चाहिए। तौलिया त्वचा के सीधे संपर्क में आता है और अगर उसे ठीक से धोया या सुखाया न जाए तो संक्रमण फैलने का माध्यम बन सकता है इसलिए कोशिश करें कि घर के हर सदस्य का अलग तौलिया हो। इस्तेमाल के बाद तौलिये को अच्छी तरह सुखाएं और नियमित रूप से धोते रहें। बारिश के मौसम में खास तौर पर ऐसे तौलिये का इस्तेमाल न करें जो लंबे समय से नम पड़ा हो।

खुजली या रैश होने पर खुद से क्रीम लगाना

त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या छोटे-छोटे दाने दिखने पर कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से कोई भी क्रीम खरीदकर लगा लेते हैं। यह आदत समस्या को बढ़ा सकती है, क्योंकि हर खुजली या रैश का कारण फंगल इंफेक्शन हो, यह जरूरी नहीं है। खासकर स्टेरॉयड वाली क्रीम का बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसी क्रीम से कुछ समय के लिए लक्षण कम दिखाई दे सकते हैं, लेकिन गलत स्थिति में इस्तेमाल करने पर संक्रमण की समस्या बिगड़ सकती है या उसका सही निदान मुश्किल हो सकता है। अगर त्वचा पर खुजली, लालिमा, सूजन, दर्द या चकत्ते लगातार बने रहें, बार-बार वापस आएं या तेजी से शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने लगें, तो खुद से दवा लगाने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

बरसात में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

मानसून में स्किन इंफेक्शन से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि त्वचा को साफ और सूखा रखा जाए। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े और मोजे तुरंत बदलें, पैरों और त्वचा की सिलवटों को अच्छी तरह सुखाएं और तौलिये को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।इसके अलावा बहुत देर तक पसीने वाले या गीले कपड़ों में रहने से बचें। त्वचा पर किसी तरह की असामान्य खुजली, जलन या रैश दिखाई देने पर उसका कारण जाने बिना कोई दवा या क्रीम इस्तेमाल न करें।

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कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर त्वचा की समस्या कुछ दिनों में ठीक होने के बजाय बढ़ रही है, लगातार खुजली या दर्द हो रहा है, सूजन बढ़ रही है, घाव या पानी निकलने जैसी समस्या हो रही है या रैश तेजी से फैल रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सही कारण की पहचान के बाद ही उचित उपचार किया जा सकता है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। त्वचा से जुड़ी लगातार या गंभीर समस्या होने पर योग्य त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें।
  
 
 

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