नारी डेस्क: देश में बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। खाने-पीने की जरूरी चीजों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में राशन से जुड़ी ज्यादातर चीजों के दाम बढ़े हैं, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ा है।
राशन की 36 में से 35 जरूरी चीजें हुईं महंगी
उपभोक्ता मामले विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम की रिपोर्ट के अनुसार, खाने-पीने की मुख्य 36 वस्तुओं में से 35 चीजों की कीमतों में इजाफा दर्ज किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा असर दालों और खाने वाले तेलों की कीमतों पर देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ समय में राशन की कई जरूरी चीजों के दाम लगातार बढ़े हैं। हालांकि अलग-अलग वस्तुओं में कीमतों की बढ़ोतरी अलग-अलग स्तर पर रही है।

दालों के दाम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दालों की कीमतों में तेजी देखी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक चना दाल की कीमत में करीब 5.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अरहर दाल के दाम लगभग 5.07 प्रतिशत बढ़े हैं। उड़द दाल में करीब 4.93 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मूंग दाल और मसूर दाल के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। दालों की कीमत बढ़ने के पीछे विशेषज्ञ कमजोर उत्पादन और मौसम की स्थिति को एक बड़ी वजह मान रहे हैं। खरीफ सीजन की दालों की फसल प्रभावित होने से बाजार में सप्लाई पर असर पड़ा है, जिसके कारण कीमतों में तेजी आई है।
खाने वाले तेल भी हुए महंगे
दालों के अलावा किचन में रोजाना इस्तेमाल होने वाले तेलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार सरसों तेल के दाम करीब 4 प्रतिशत बढ़े हैं। सोया तेल और सूरजमुखी तेल में लगभग 4.50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पाम तेल और मूंगफली तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है, क्योंकि यह हर घर की रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा है।

चीनी, दूध और चावल भी हुए महंगे
राशन की अन्य जरूरी चीजों की बात करें तो चीनी, दूध, चावल और नमक के दामों में भी इजाफा हुआ है। चीनी की कीमत करीब 4.78 प्रतिशत बढ़ी है। नमक के दामों में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चावल के दाम करीब 3.63 प्रतिशत बढ़े हैं। आटे की कीमत में मामूली वृद्धि देखने को मिली है।
महंगाई बढ़ने की वजह क्या है
विशेषज्ञों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। मौसम में बदलाव, फसलों का उत्पादन प्रभावित होना, सप्लाई में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां कीमतों पर असर डालती हैं। खासकर दालों की कीमतों में तेजी के पीछे कमजोर मानसून और कम उत्पादन को बड़ी वजह बताया जा रहा है। उत्पादन घटने की स्थिति में बाजार की मांग पूरी करने के लिए आयात पर निर्भरता बढ़ जाती है, जिसका असर कीमतों पर दिखाई देता है।
त्योहारों के मौसम में और बढ़ सकती है महंगाई
आने वाले महीनों में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। सावन के बाद रक्षाबंधन, तीज, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। त्योहारों के दौरान खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में अगर बाजार की मौजूदा स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं आया, तो आने वाले समय में कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर और दबाव देखने को मिल सकता है।

आम लोगों की बढ़ी चिंता
राशन की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों के मासिक बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है। दाल, तेल, दूध और चीनी जैसी रोजमर्रा की चीजों के महंगे होने से लोगों को अब खर्चों में संतुलन बनाना पड़ रहा है।