नारी डेस्क : हमारा शरीर कई बार छोटी-छोटी निशानियों के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी देता है, लेकिन अक्सर लोग इन्हें सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं। नाखूनों पर दिखाई देने वाली काली या गहरे भूरे रंग की पतली लाइन भी ऐसा ही एक संकेत हो सकती है। कई मामलों में यह चोट, दवाओं के असर या सामान्य बदलाव की वजह से होती है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह सबंगुअल मेलानोमा (Subungual Melanoma) नामक स्किन कैंसर का शुरुआती लक्षण भी हो सकती है। इसलिए अगर यह बदलाव अचानक दिखाई दे या समय के साथ बढ़ने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
क्या होती है नाखूनों में काली लाइन?
नाखून की सतह पर दिखाई देने वाली काली या भूरे रंग की लंबवत (Vertical) रेखा को मेडिकल भाषा में मेलानोनिकिया (Melanonychia) कहा जाता है। यह हल्के भूरे रंग से लेकर गहरे काले रंग तक हो सकती है और हाथ या पैर के किसी भी नाखून में दिखाई दे सकती है। कई लोगों में यह जन्म से होती है, जबकि कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ विकसित हो सकती है।

हर काली लाइन कैंसर नहीं होती
नाखूनों में दिखाई देने वाली हर काली या भूरी रेखा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार इसके पीछे सामान्य कारण भी हो सकते हैं। नाखून में चोट लगने, शरीर में पोषक तत्वों की कमी, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, हार्मोनल बदलाव या गहरी त्वचा वाले लोगों में प्राकृतिक रूप से मेलानिन की अधिक मात्रा बनने के कारण भी नाखूनों पर काली लाइन दिखाई दे सकती है। इसलिए ऐसी लाइन दिखने पर तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कई मामलों में यह एक सामान्य बदलाव भी हो सकता है। हालांकि, अगर यह अचानक दिखाई दे, इसका रंग या आकार बदलने लगे या यह लगातार बढ़ती जाए, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
कब हो सकती है चिंता की बात?
यदि नाखून में दिखाई देने वाली काली लाइन में ये बदलाव नजर आएं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
लाइन अचानक दिखाई दे।
केवल एक ही नाखून में मौजूद हो।
समय के साथ लाइन चौड़ी या गहरी होती जाए।
लाइन नाखून के आसपास की त्वचा तक फैलने लगे।
नाखून का आकार बदलने लगे या वह टूटने लगे।
ऐसे मामलों में यह सबंगुअल मेलानोमा का संकेत हो सकता है, जो नाखून के नीचे विकसित होने वाला स्किन कैंसर का एक दुर्लभ लेकिन गंभीर रूप है।

इन लक्षणों को भी न करें नजरअंदाज
सिर्फ काली लाइन ही नहीं, बल्कि यदि ये लक्षण भी दिखाई दें तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए
नाखून का टूटना या असामान्य रूप से बढ़ना
नाखून के आसपास दर्द या सूजन
नाखून का जड़ से उठने लगना
नाखून के नीचे गांठ या घाव बनना
बार-बार खून आना या पस निकलना।
कैसे होती है जांच?
यदि डॉक्टर को किसी गंभीर समस्या की आशंका होती है, तो वे बायोप्सी (Biopsy) कराने की सलाह दे सकते हैं। इसमें नाखून के नीचे के ऊतक (Tissue) का छोटा नमूना लेकर उसकी जांच की जाती है। केवल देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि काली रेखा सामान्य है या कैंसर का संकेत।

समय पर पहचान से बच सकती है जान
मेलानोमा स्किन कैंसर का सबसे आक्रामक रूप माना जाता है, क्योंकि यह तेजी से शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है। हालांकि, यदि इसकी पहचान शुरुआती चरण में हो जाए, तो इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। कई मामलों में समय पर उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ भी हो सकते हैं।
क्या करें अगर नाखून में काली लाइन दिखे?
यदि आपके नाखून में अचानक काली या गहरे भूरे रंग की लाइन दिखाई दे और उसका कारण स्पष्ट न हो, तो स्वयं इलाज करने या इंटरनेट पर भरोसा करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से जांच कराएं। सही समय पर की गई जांच किसी गंभीर बीमारी का जल्दी पता लगाने में मदद कर सकती है।