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Shah Rukh Khan की ऑनस्क्रीन बेटी इस बीमारी से जूझ रही थीं, बोलीं- सालों तक दिल में दबाकर...

  • Edited By Monika,
  • Updated: 17 Jul, 2026 05:37 PM
Shah Rukh Khan की ऑनस्क्रीन बेटी इस बीमारी से जूझ रही थीं, बोलीं- सालों तक दिल में दबाकर...

नारी डेस्क : शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म 'कुछ-कुछ होता है' में बाल कलाकार के रूप में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस सना सईद ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़ा एक भावुक खुलासा किया है। सना, करण जौहर की फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' में भी अहम भूमिका निभा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि वह कई वर्षों तक एक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर से जूझती रहीं, लेकिन उन्हें यह तक नहीं पता था कि उनकी परेशानी का नाम क्या है।

सोशल मीडिया पर साझा किया दर्द

सना सईद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उन्हें सालों तक यह समझ ही नहीं आया कि वह बुलिमिया (Bulimia Nervosa) नाम की बीमारी से जूझ रही हैं। उन्होंने बताया कि बचपन और युवावस्था में किसी ने भी ईटिंग डिसऑर्डर के बारे में बात नहीं की, इसलिए उन्हें अपनी परेशानी को समझने या उसके लिए सही शब्द तक नहीं मिले। उन्होंने कहा, मेरे साथ जो हो रहा था, उसे बताने के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं थे। इसलिए मैंने लंबे समय तक इस दर्द को चुपचाप और अकेले ही सहा।

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जब पहली बार पता चला बीमारी का नाम

सना ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार बुलिमिया (Bulimia Nervosa) के बारे में पढ़ा, तब उन्हें एहसास हुआ कि आखिर उनके साथ क्या हो रहा था। हालांकि, बीमारी को पहचान लेने के बाद भी उसे स्वीकार करने में उन्हें कई साल लग गए। उन्होंने कहा कि वह अपनी कहानी इसलिए साझा कर रही हैं ताकि जो लोग किसी ऐसी मानसिक या शारीरिक परेशानी से गुजर रहे हैं, जिसका उन्हें अभी तक नाम भी नहीं पता, उन्हें यह महसूस हो कि वे अकेले नहीं हैं और मदद लेकर इससे बाहर निकला जा सकता है।

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अब पूरी तरह स्वस्थ हैं सना

सना सईद ने बताया कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पहले से कहीं ज्यादा खुश और सहज महसूस करती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कोई भी व्यक्ति ऐसे किसी मुश्किल दौर से गुजर रहा है, तो वह भरोसेमंद व्यक्ति से बात करे और जरूरत पड़ने पर किसी योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या ईटिंग डिसऑर्डर सपोर्ट ग्रुप की मदद जरूर ले।

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क्या है बुलिमिया नर्वोसा?

बुलिमिया नर्वोसा (Bulimia Nervosa) एक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर है। इसमें व्यक्ति कम समय में जरूरत से ज्यादा खाना खा लेता है और इसके बाद वजन बढ़ने के डर से उल्टी करना, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना या अन्य अस्वस्थ तरीकों का सहारा लेता है। अगर समय रहते इसका सही इलाज और काउंसलिंग मिल जाए, तो इस बीमारी से पूरी तरह उबरा जा सकता है।

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बुलिमिया (Bulimia Nervosa) कैसे ठीक हो सकती है?

बुलिमिया एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य ईटिंग डिसऑर्डर है। सही समय पर पहचान और उपचार मिलने पर अधिकांश लोग इससे पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।

बुलिमिया का इलाज कैसे होता है?

मनोवैज्ञानिक थेरेपी (Psychotherapy/CBT): कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) सबसे प्रभावी उपचार मानी जाती है। इससे व्यक्ति खाने की गलत आदतों और नकारात्मक सोच को बदलना सीखता है।

न्यूट्रिशन काउंसलिंग: डाइटिशियन संतुलित भोजन की योजना बनाते हैं। नियमित और हेल्दी खाने की आदत विकसित कराई जाती है।

दवाइयां: यदि मरीज को डिप्रेशन या एंग्जायटी भी है, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार दवाइयां दे सकते हैं। दवाइयां केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए।

परिवार और दोस्तों का सहयोग: भावनात्मक सहयोग और समझदारी से मरीज की रिकवरी तेज हो सकती है। मरीज को जज करने के बजाय उसका साथ देना जरूरी है।

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बुलिमिया के शुरुआती लक्षण

शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य खान-पान की आदतों जैसे लग सकते हैं, इसलिए इन्हें पहचानना जरूरी है।
थोड़े समय में बहुत ज्यादा खाना खा लेना (Binge Eating)
खाने के बाद खुद से उल्टी करना
वजन बढ़ने का अत्यधिक डर
शरीर और वजन को लेकर हर समय चिंता करना
बार-बार डाइटिंग करना या खाना छोड़ देना
जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना
अकेले में खाना और बाद में अपराधबोध महसूस करना
मूड में बदलाव, तनाव या अवसाद
बार-बार गले में खराश या दांतों की समस्या (बार-बार उल्टी के कारण)
शरीर में कमजोरी, चक्कर आना या डिहाइड्रेशन।

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