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सिर्फ बच्चों की बीमारी नहीं है निमोनिया, यह इन लोगों के लिए भी है जानलेवा

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 18 Mar, 2026 12:54 PM
सिर्फ बच्चों की बीमारी नहीं है निमोनिया, यह इन लोगों के लिए भी है जानलेवा

नारी डेस्क: आजकल बदलते मौसम और कमजोर होती इम्यूनिटी के कारण सिर्फ छोटे बच्चे ही नहीं बल्कि बुजुर्ग भी तेजी से निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। कई मामलों में यह बीमारी सामान्य सर्दी-खांसी से शुरू होती है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए इसके लक्षणों को समय रहते पहचानना और बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है।

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क्या है निमोनिया?

निमोनिया फेफड़ों का एक संक्रमण है, जिसमें फेफड़ों के एयर सैक (alveoli) में सूजन आ जाती है और उनमें तरल या मवाद भर सकता है। इससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी प्रभावित हो सकती है।


निमोनिया के सामान्य लक्षण

निमोनिया के लक्षण उम्र और शरीर की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य संकेत इस प्रकार हैं:

-लगातार तेज बुखार आना
-खांसी के साथ बलगम आना
-सांस लेने में तकलीफ या तेज सांस चलना
-सीने में दर्द या भारीपन महसूस होना
-अत्यधिक थकान और कमजोरी
- ठंड लगना या शरीर में कंपकंपी

बुजुर्गों में कई बार भूख कम लगना, कमजोरी या अचानक भ्रम की स्थिति भी निमोनिया का संकेत हो सकती है।

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बच्चों और बुजुर्गों में क्यों ज्यादा खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों की इम्यूनिटी अपेक्षाकृत कमजोर होती है। इसी वजह से बैक्टीरिया या वायरस आसानी से शरीर पर हमला कर सकते हैं। इसके अलावा प्रदूषण, मौसम में बदलाव, पुरानी बीमारियां जैसे डायबिटीज या अस्थमा भी जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

 

बचाव के जरूरी उपाय

निमोनिया से बचने के लिए कुछ आसान सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है:

साफ-सफाई का ध्यान रखें: हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं और बच्चों को भी इसकी आदत डालें।

 मौसम के अनुसार कपड़े पहनें: बदलते मौसम में ठंड या धूल से बचाव करना जरूरी है।

पौष्टिक आहार लें: फल, हरी सब्जियां, दाल और प्रोटीन युक्त भोजन इम्यूनिटी मजबूत बनाते हैं।

पानी और तरल पदार्थ ज्यादा लें: शरीर को हाइड्रेट रखना संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।

टीकाकरण कराएं: बच्चों और बुजुर्गों के लिए डॉक्टर की सलाह से निमोनिया से बचाव के टीके लगवाना फायदेमंद हो सकता है।


कब तुरंत डॉक्टर से मिलें

अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या लगातार खांसी हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से निमोनिया को गंभीर होने से रोका जा सकता है। ध्यान रखें सही जानकारी, समय पर इलाज और थोड़ी-सी सावधानी से निमोनिया जैसी बीमारी से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
 

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