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35 के बाद महिलाओं की हड्डियां क्यों हो जाती कमजोर?

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 02 May, 2026 06:04 PM
35 के बाद महिलाओं की हड्डियां क्यों हो जाती कमजोर?

नारी डेस्क:  महिलाओं के शरीर में 30-35 की उम्र के बाद कई ऐसे बदलाव शुरू हो जाते हैं, जो तुरंत नजर नहीं आते। इन्हीं में से एक है हड्डियों की मजबूती यानी बोन डेंसिटी का धीरे-धीरे कम होना। यह प्रक्रिया बिना किसी खास लक्षण के आगे बढ़ती रहती है और कई बार तब पता चलती है, जब नुकसान काफी हो चुका होता है। ऐसे में इस बदलाव को समझना और समय रहते सतर्क होना बेहद जरूरी है।

कब तक बनती हैं सबसे मजबूत हड्डियां?

विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में हड्डियों की अधिकतम मजबूती 20 के आखिरी सालों या 30 की शुरुआत तक बनती है। इसके बाद शरीर हड्डियों को बनाता तो रहता है, लेकिन टूटने की प्रक्रिया उससे तेज हो जाती है। यही असंतुलन धीरे-धीरे बोन मास को कम करने लगता है, जो शुरुआत में समझ नहीं आता।

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शुरुआत में क्यों नहीं दिखते लक्षण?

हड्डियों के कमजोर होने की सबसे बड़ी समस्या यही है कि इसके शुरुआती संकेत साफ नजर नहीं आते। जब तक लक्षण सामने आते हैं, तब तक स्थिति काफी आगे बढ़ चुकी होती है। हल्की-सी चोट में फ्रैक्चर होना, कद का थोड़ा कम होना या लगातार कमजोरी महसूस होना ये सब इसके संकेत हो सकते हैं। कई बार Osteoporosis का पता भी तब चलता है, जब हड्डी टूट चुकी होती है।

महिलाओं में हड्डियां जल्दी कमजोर क्यों होती हैं?

ऑस्टियोपोरोसिस सिर्फ हड्डियों का कमजोर होना नहीं, बल्कि उनकी संरचना में बदलाव है। इसमें हड्डियां अंदर से हल्की और खोखली होने लगती हैं, जिससे वे आसानी से टूट सकती हैं और शरीर का भार ठीक से संभाल नहीं पातीं।  इसके पीछे कई कारण होते हैं, लेकिन हार्मोनल बदलाव सबसे अहम भूमिका निभाता है। खासकर एस्ट्रोजन हार्मोन, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है, उम्र बढ़ने के साथ कम होने लगता है। इसके अलावा कैल्शियम और विटामिन D की कमी, लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि की कमी और गलत खानपान भी हड्डियों को कमजोर बना देते हैं। प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान शरीर से कैल्शियम की ज्यादा खपत होती है, जिससे अगर सही पोषण न मिले तो हड्डियों पर असर पड़ सकता है।

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ऐसे होती है जांच

हड्डियों की स्थिति जानने के लिए DEXA Scan किया जाता है। यह एक आसान और बिना दर्द वाली जांच है, लेकिन अक्सर महिलाएं इसे बहुत देर से करवाती हैं। समय रहते जांच कराने से समस्या को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सकता है।

ऐसे रखें हड्डियों को मजबूत

35 के बाद भी सही देखभाल से हड्डियों की मजबूती बनाए रखी जा सकती है। इसके लिए रोजाना वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज, कैल्शियम से भरपूर आहार, धूप में समय बिताना और एक्टिव लाइफस्टाइल बहुत जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना भी फायदेमंद होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हड्डियों की कमजोरी धीरे-धीरे बढ़ती है, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जब इसका असर सामने आता है, तब तक रिकवरी मुश्किल हो सकती है और जीवन की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।

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