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COVID-19 में ली गई ये एक दवा… अब खराब कर रही लोगों की हड्डियां? डॉक्टरों ने किया अलर्ट

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 25 May, 2026 11:10 AM
COVID-19 में ली गई ये एक दवा… अब खराब कर रही लोगों की हड्डियां? डॉक्टरों ने किया अलर्ट

नारी डेस्क: कोरोना महामारी खत्म होने के बाद भी उसके दुष्प्रभाव लोगों की सेहत पर लगातार सामने आ रहे हैं। अब डॉक्टरों ने एक ऐसी गंभीर समस्या को लेकर चेतावनी दी है, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। ऑर्थोपेडिक डॉक्टरों का कहना है कि कोविड के दौरान इस्तेमाल की गई कुछ दवाइयों, खासकर स्टेरॉयड, की वजह से लोगों में कूल्हे की हड्डी खराब होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़ी संख्या में युवा अब Hip Arthritis और Avascular Necrosis (AVN) जैसी गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे हैं। यह समस्या खासतौर पर उन लोगों में ज्यादा देखी जा रही है, जिन्होंने कोविड के दौरान लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल किया था।

डॉक्टरों ने कॉन्फ्रेंस में जताई चिंता

दिल्ली में आयोजित DELHI HIP 360 Conference में देशभर के हड्डी रोग विशेषज्ञों ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। डॉक्टरों ने बताया कि कोविड के बाद युवाओं में कूल्हे की हड्डी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। पहले यह बीमारी आमतौर पर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब 30 से 40 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

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क्या होती है AVN बीमारी?

Avascular Necrosis यानी AVN एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें कूल्हे की हड्डी तक खून का प्रवाह कम या पूरी तरह बंद हो जाता है। जब हड्डी को पर्याप्त ब्लड सप्लाई नहीं मिलती, तो धीरे-धीरे वह कमजोर होकर खराब होने लगती है। अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो कूल्हे का जोड़ पूरी तरह डैमेज हो सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज को चलने-फिरने, बैठने और उठने में काफी परेशानी होने लगती है। कई मामलों में बाद में Total Hip Replacement Surgery करवाने की नौबत तक आ जाती है।

कोविड की कौन सी दवा बन रही खतरा?

डॉक्टरों के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान कई मरीजों को स्टेरॉयड दवाइयां दी गई थीं। इन दवाओं ने गंभीर मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन कुछ लोगों में इसके साइड इफेक्ट अब सामने आने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक स्टेरॉयड लेने से शरीर की ब्लड वेसल्स प्रभावित हो सकती हैं। इससे कूल्हे की हड्डी तक ब्लड सप्लाई कम होने लगती है, जो आगे चलकर AVN जैसी बीमारी की वजह बन सकती है।

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युवाओं में तेजी से बढ़ रही समस्या

डॉक्टरों ने बताया कि अब अस्पतालों में बड़ी संख्या में ऐसे युवा मरीज पहुंच रहे हैं जिन्हें चलने में दर्द, कूल्हों में जकड़न, लंगड़ाहट और बैठने-उठने में परेशानी हो रही है। जांच के बाद इनमें से कई मरीजों में शुरुआती Hip Arthritis और AVN पाया जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड के बाद Hip Replacement Surgery के मामलों में करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी गई है।

इन लक्षणों को भूलकर भी नजरअंदाज न करें

डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग शुरुआती संकेतों को सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर कोविड के बाद लंबे समय तक कूल्हे, जांघ या कमर में दर्द बना रहे, चलने में दिक्कत हो, सीढ़ियां चढ़ते समय परेशानी महसूस हो या पैरों की मूवमेंट कम होने लगे तो तुरंत जांच करानी चाहिए। शुरुआती स्टेज में MRI के जरिए बीमारी का पता लगाया जा सकता है।

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समय पर इलाज से बच सकती है सर्जरी

विशेषज्ञों के अनुसार अगर AVN की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए तो बिना सर्जरी के भी इलाज संभव है। लेकिन देर होने पर कूल्हे का जोड़ पूरी तरह खराब हो सकता है और Hip Replacement Surgery ही आखिरी विकल्प बचता है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि आजकल नई तकनीक, बेहतर इम्प्लांट और रोबोटिक सर्जरी की मदद से Hip Replacement पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और सफल हो गया है। मरीज जल्दी रिकवर होकर सामान्य जीवन में लौट सकते हैं।

डॉक्टरों की लोगों से खास अपील

ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि कोविड के बाद होने वाले लगातार कूल्हे के दर्द को हल्के में न लें। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड दवाइयों का इस्तेमाल करने से बचें और हड्डियों या जोड़ों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर जांच और सही इलाज ही इस गंभीर समस्या से बचने का सबसे बड़ा तरीका है।  

 
 

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