नारी डेस्क : कई बार हमारे शरीर में ऐसे बदलाव होने लगते हैं, जिन पर हम शुरुआत में ध्यान नहीं देते। लेकिन शरीर के कुछ छोटे-छोटे संकेत किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का इशारा भी हो सकते हैं। अगर आपके पैर अक्सर ठंडे रहते हैं, उनमें झुनझुनी महसूस होती है या वे बार-बार सुन्न पड़ जाते हैं, तो इसे सिर्फ मौसम का असर या थकान समझकर नजरअंदाज न करें। विशेषज्ञों के मुताबिक, पैरों में होने वाले ये बदलाव शरीर के अंदर छिपी गंभीर बीमारियों, जैसे खराब ब्लड सर्कुलेशन, नसों की समस्या या डायबिटीज, का शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉक्टर के मुताबिक, पैर हमारे शरीर का पूरा वजन संभालते हैं और रोजमर्रा की गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन लोग अक्सर उनकी सेहत पर ध्यान नहीं देते। पैरों में दिखने वाले छोटे-छोटे बदलाव भी कई बीमारियों का संकेत दे सकते हैं।

ठंडे और सुन्न पैर किस ओर करते हैं इशारा?
खून का खराब प्रवाह (Poor Blood Circulation): पैरों में पर्याप्त रक्त न पहुंचने से वे ठंडे और सुन्न महसूस हो सकते हैं।
नसों की समस्या (Nerve Damage): डायबिटीज या अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण पैरों में झुनझुनी और सुन्नपन हो सकता है।
थायरॉयड की गड़बड़ी: त्वचा का सूखापन और एड़ियों का फटना थायरॉयड की समस्या से जुड़ा हो सकता है।
दिल, किडनी या लीवर की परेशानी: टखनों में सूजन इन अंगों पर बढ़ते दबाव का संकेत हो सकती है।
फंगल इंफेक्शन या अन्य बीमारियां: नाखूनों का रंग बदलना या उनका मोटा होना किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकता है।
डायबिटीज मरीजों को क्यों रहना चाहिए ज्यादा सतर्क?
डायबिटीज के मरीजों में पैरों की समस्याएं ज्यादा गंभीर हो सकती हैं। नसों को नुकसान और खून की कम सप्लाई के कारण चोट या घाव का पता नहीं चलता, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गैंग्रीन तक पहुंच सकती है।
लाइफस्टाइल भी है बड़ा कारण
लंबे समय तक बैठे रहना।
गलत फिटिंग के जूते पहनना।
बढ़ता वजन और शारीरिक गतिविधि की कमी।
फ्लैट फुट या हाई आर्च जैसी समस्याएं।

किन शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें?
पैरों में लगातार दर्द।
सूजन या छाले।
बार-बार झुनझुनी होना।
त्वचा का अत्यधिक सूखापन।
नाखूनों का रंग बदलना।
पैरों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
रोज पैरों की जांच करें।
आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें।
पैरों को साफ और सूखा रखें।
नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करें।
वजन और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखें।
पैरों में होने वाले बदलावों को मामूली समझकर नजरअंदाज करना कई बार भारी पड़ सकता है। अगर आपके पैर लगातार ठंडे, सुन्न या सूजे हुए रहते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। समय पर पहचान और इलाज कई गंभीर समस्याओं से बचा सकता है।