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छोटी उम्र में बच्चे के के बाल हो गए सफेद? तो चैक करवा लो उनका Liver और Thyroid

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 01 Jul, 2026 03:18 PM
छोटी उम्र में बच्चे के के बाल हो गए सफेद? तो चैक करवा लो उनका Liver और Thyroid

 नारी डेस्क: बच्चों के लिए समय से पहले बाल सफ़ेद होना सबसे परेशान करने वाली समस्याओं में से एक है। चाहे इसकी वजह स्ट्रेस, प्रदूषण या खराब खान-पान की आदतें हों, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि सफ़ेद बालों का 'एक छोटा सा गुच्छा' भी हमारे अंदर घबराहट पैदा कर देता है और हम  तुरंत दवा या घरेलू नुस्खों की ओर भागते हैं। पर पहले हमें यह समझने की जरूरत है कि इस समस्या का असली कारण क्या है और इससे बच्चों को बचाने के लिए क्या करना चाहिए। 


बच्चों में समय से पहले बाल सफेद होने के कारण

जेनेटिक्स: जिन परिवारों में माता-पिता में से किसी को समय से पहले बाल सफ़ेद होने की समस्या रही हो, उन परिवारों में बच्चों को भी यह समस्या होने का खतरा ज़्यादा होता है। ऑटोसोमल क्रोमोसोम पर डोमिनेंट जीन म्यूटेशन के कारण विटिलिगो और ट्यूबरस स्क्लेरोसिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं, जो समय से पहले बाल सफ़ेद होने का कारण बनती हैं।

मेटाबोलिक विकार: डायबिटीज, हाइपर/हाइपो-एड्रिनलिज़्म, लिवर एंजाइम का बढ़ना और कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल जैसी स्थितियां समय से पहले बाल सफ़ेद होने का खतरा बढ़ाती हैं। उदाहरण के लिए, थायरॉयड की समस्या हार्मोन के उत्पादन में बाधा डालती है, जिससे हेयर फॉलिकल्स में मेलेनिन बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है और बाल जल्दी सफ़ेद होने लगते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य: बहुत ज़्यादा पढ़ाई, गेमिंग, देर रात तक जागने, मानसिक सदमे या अनिद्रा के कारण होने वाला तनाव समय से पहले बाल सफ़ेद होने की संभावना को बढ़ाता है।

अस्वस्थ खान-पान: फैट और फास्ट फूड वाला खाना कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ा सकता है, बालों की जड़ों को कमज़ोर कर सकता है और बालों के विकास में बाधा डाल सकता है, जिससे बाल जल्दी सफ़ेद हो सकते हैं। विटामिन और आयरन, कॉपर और जिंक जैसे ज़रूरी तत्वों की कमी भी इस खतरे को बढ़ाती है।

तंबाकू के धुएं के संपर्क में आना: पैसिव स्मोकिंग भी बच्चों में समय से पहले बाल सफ़ेद होने का एक कारण है। तंबाकू में मौजूद केमिकल में सेल-ऑक्सीडाइज़िंग एजेंट होते हैं जो मेलेनिन के उत्पादन को कम करते हैं, जिससे बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं।

शैम्पू और साबुन: हानिकारक केमिकल वाले कुछ शैम्पू और साबुन बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे वे रूखे, कमजोर और हल्के रंग के हो सकते हैं। बच्चों के बालों की देखभाल के लिए नेचुरल हर्बल अर्क और जरूरी पोषक तत्वों वाले माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

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इस समस्या से छुटकारा पाने के  उपाय 

समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या को पूरी तरह ठीक करना बहुत मुश्किल है। इसके बजाय, डॉक्टर सिर पर सफ़ेद बालों की संख्या कम करने के लिए न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। कुछ ज़रूरी पोषक तत्व जो शामिल किए जाने चाहिए, वे हैं:

विटामिन A: विटामिन A स्कैल्प को स्वस्थ और बालों को चमकदार बनाता है। यह विटामिन हरी सब्ज़ियों और पीले रंग के फलों में भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

विटामिन B: विटामिन B तेल के स्राव को नियंत्रित करता है, जिससे बाल स्वस्थ और मुलायम रहते हैं। विटामिन B से भरपूर खाद्य पदार्थों में दही, हरी सब्ज़ियां टमाटर, ब्रोकली, अनाज, केले और लिवर शामिल हैं।

मिनरल्स: आयरन, जिंक और कॉपर जैसे मिनरल्स बालों को मज़बूत बनाने और उम्र बढ़ने के असर को रोकने में मदद करते हैं। जिंक चिकन, रेड मीट और हरी सब्ज़ियों में पाया जाता है। आयरन अंडे, रेड मीट, सूखे खुबानी, गेहूं, पार्सले, बीफ़ और सूरजमुखी के बीजों में भरपूर मात्रा में होता है। कॉपर साबुत अनाज, सीफ़ूड और अंडे की जर्दी में पाया जाता है।

प्रोटीन: प्रोटीन बालों की चमक बढ़ाता है और बालों की बनावट में सुधार करता है। बच्चे के आहार में अनाज, सोयाबीन और मीट शामिल करके प्रोटीन का सेवन बढ़ाएं।

अगर बच्चे को मेटाबोलिक डिसऑर्डर का ख़तरा है, तो पूरे शरीर की हेल्थ चेक-अप करवाने की सलाह दी जाती है, जिसमें एंडोक्राइन फ़ंक्शन, पिट्यूटरी ग्लैंड और थायरॉइड ग्लैंड की जाँच शामिल हो। साथ ही, विटिलिगो या ट्यूबरस स्क्लेरोसिस के लक्षणों की भी जांच करें।

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यह देसी नस्खे भी हैं बेहद असरदार 

नारियल तेल और करी पत्ते का मिश्रण:  नारियल तेल को एक बर्तन में डालें और धीमी आंच पर गर्म करें। गर्म तेल में करी पत्ते डालें। जब मिश्रण ठंडा हो जाए, तो इसे एक बोतल में भर लें। बच्चे के बालों में रोज़ाना यह तेल लगाएं और 10-15 मिनट तक हल्के हाथों से मालिश करें, फिर बालों को लपेट लें। अच्छे नतीजों के लिए तीन महीने तक इस उपाय को अपनाएं।

तिल का तेल और गाजर का मिश्रण: मेथी दाना, तिल का तेल और गाजर का रस मिलाकर एक बर्तन में रख लें। इसे 21-25 दिनों तक धूप में रखें। इसके बाद, इस मिश्रण को बच्चे के सिर की त्वचा पर लगाएं और अच्छे नतीजे पाने के लिए 3 महीने तक हल्के हाथों से मालिश करें।

नींबू का रस और बादाम का तेल: बादाम के तेल में नींबू का रस मिलाएं, फिर इसे बच्चे के सिर की त्वचा पर हल्के हाथों से मालिश करें। इसे रात भर लगा रहने दें और अगली सुबह शैम्पू से धो लें।

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