
नारी डेस्क: भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। देश की फैक्ट्रियों में अब बड़ी संख्या में युवा महिलाएं काम कर रही हैं और वे दुनिया भर के लिए iPhone तैयार करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 1 लाख युवा महिलाएं iPhone असेंबल करने का काम कर रही हैं। यह निजी क्षेत्र में महिलाओं को रोजगार देने और उन्हें कौशल सिखाने की सबसे बड़ी पहलों में से एक मानी जा रही है।

5 फैक्ट्रियों में 1.4 लाख कर्मचारी
सरकार को दी गई ताजा रोजगार रिपोर्ट के मुताबिक, Apple के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर Foxconn और Tata Electronics की भारत में चल रही 5 iPhone फैक्ट्रियों में पीक प्रोडक्शन के समय करीब 1.40 लाख कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से लगभग 70% यानी करीब 1 लाख कर्मचारी महिलाएं हैं। ज्यादातर महिलाओं की उम्र 19 से 24 साल के बीच है।
पहली बार नौकरी कर रहीं कई महिलाएं
इन महिलाओं में से अधिकतर पहली बार नौकरी करने वाली हैं। पिछले पांच वर्षों में इनकी भर्ती तेजी से बढ़ी है। दरअसल, जब Apple ने भारत में बड़े स्तर पर iPhone का उत्पादन शुरू किया, तब से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए। भारत सरकार ने 2020 में स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना शुरू की थी। इस योजना के बाद कंपनियों ने भारत में उत्पादन बढ़ाया और बड़ी संख्या में कर्मचारियों को भर्ती किया। यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए PLI योजना का दूसरा संस्करण तैयार करने पर भी काम किया जा रहा है।

बदल रही है मैन्युफैक्चरिंग की तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में iPhone निर्माण में महिलाओं की इतनी बड़ी भागीदारी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसरों का संकेत है। इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिल रही है, बल्कि देश के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को भी नई गति मिल रही है।