13 FEBFRIDAY2026 6:43:23 PM
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Working Women के दुश्मन है थायरॉइड, स्ट्रेस और पेट की चर्बी, ये तीनों चुपके से कर देते हैं सब बर्बाद

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 13 Feb, 2026 04:59 PM
Working Women के दुश्मन है थायरॉइड, स्ट्रेस और पेट की चर्बी, ये तीनों चुपके से कर देते हैं सब बर्बाद

नारी डेस्क: आज कल की तेज रफ्तार भरी जिंदगी में कई कामकाजी महिलाएं एक ऐसी समस्या से जूझ रही हैं, जो दिखती कम है लेकिन असर गहरा छोड़ती है जो है थायरॉइड, मानसिक तनाव (स्ट्रेस) और पेट की बढ़ती चर्बी। ये तीनों आपस में जुड़े होते हैं और एक-दूसरे को बढ़ावा देते हैं।  यह “अदृश्य त्रिकोण” शहरी कामकाजी महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। लेकिन सही जानकारी, समय पर जांच और जीवनशैली में छोटे बदलाव करके इस चक्र को तोड़ा जा सकता है। 

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थायरॉइड और वजन का रिश्ता

थायरॉइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रित करती है। हाइपोथायरॉइड होने पर मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है। इससे वजन बढ़ना, सूजन और खासकर पेट के आसपास फैट जमा होना आम है। थकान और सुस्ती के कारण शारीरिक गतिविधि भी कम हो जाती है।


स्ट्रेस का हार्मोनल असर

लगातार काम का दबाव, घर-ऑफिस की जिम्मेदारियां और नींद की कमी शरीर में कॉर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) बढ़ा देती है। ज्यादा कॉर्टिसोल पेट के आसपास चर्बी जमा करता है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ सकता है और भावनात्मक खाने (emotional eating) की आदत भी बढ़ जाती है।


 पेट की चर्बी है खतरनाक

बेली फैट सिर्फ दिखने की समस्या नहीं है। यह हार्मोनल असंतुलन को और बिगाड़ सकता है। डायबिटीज और हृदय रोग का जोखिम बढ़ा सकता है। आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है।

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यह त्रिकोण कैसे बनता है?

थायरॉइड की समस्या → थकान और वजन बढ़ना → स्ट्रेस बढ़ना → कॉर्टिसोल बढ़ना → पेट की चर्बी बढ़ना → हार्मोनल असंतुलन और गहरा होना। यानी यह एक चक्र बन जाता है, जिसे तोड़ना जरूरी है। इससे निपटने के लिए साल में कम से कम एक बार थायरॉइड प्रोफाइल टेस्ट कराएं। योग, मेडिटेशन और 7–8 घंटे की नींद बेहद जरूरी है। डिजिटल डिटॉक्स भी मददगार हो सकता है।


खाने- पीने पर दें ध्यान

प्रोटीन और फाइबर से भरपूर डाइट लें। प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा शुगर से बचें। हल्की लेकिन नियमित एक्सरसाइज करें। रोज 30 मिनट वॉक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है।  अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें संतुलन ही असली समाधान है।
 

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