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मोबाइल की लत से बच्चों में बढ़ रहा मोटापा

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 04 Mar, 2026 01:18 PM
मोबाइल की लत से बच्चों में बढ़ रहा मोटापा

नारी डेस्क:  डिजिटल युग में बच्चों का खेल-कूद कम हो रहा है और मोबाइल, टैबलेट जैसी स्क्रीन डिवाइस की लत बढ़ रही है। हाल ही में प्रकाशित राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि भारत में पिछले दस वर्षों में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में मोटापे की दर 100% से अधिक बढ़ गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2030 तक भारत में लगभग 2.7 करोड़ बच्चे मोटापे की समस्या का सामना कर सकते हैं। बच्चों में बढ़ते मोटापे के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं: स्क्रीन टाइम की लत, प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन और गलत धारणाएं।

मैदानों की जगह स्क्रीन

आजकल बच्चे खेल के बजाय अधिकतर समय मोबाइल और टैबलेट पर बिताते हैं। पांच साल से छोटे बच्चों को प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए, लेकिन स्क्रीन टाइम की वजह से यह संभव नहीं हो पा रहा। स्क्रीन देखते समय अनजाने में भोजन करना भी बच्चों में मोटापे को बढ़ाता है। खेल और बाहरी गतिविधियों की कमी और अस्वास्थ्यकर खाने की आदतें बच्चों को जल्दी मोटा बना रही हैं।

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मोटापे के मुख्य कारण

ज्यादा स्क्रीन टाइम: बच्चे प्रतिदिन 3-4 घंटे मोबाइल या टैबलेट पर बिताते हैं।

प्रोसेस्ड फूड: इंस्टेंट नूडल, चिप्स, मीठे ड्रिंक, बिस्कुट जैसी चीजें कैलोरी तो ज्यादा देती हैं, लेकिन पोषण बहुत कम होता है।

शारीरिक गतिविधि की कमी: खेलकूद और व्यायाम की कमी से कैलोरी बर्न नहीं होती।

बेबी फैट को नजरअंदाज करना: माता-पिता अक्सर सोचते हैं कि “बेबी फैट अपने आप चला जाएगा”, जो सही नहीं है।

मोटापे से होने वाले जोखिम

मोटापा सिर्फ वजन बढ़ने तक ही सीमित नहीं है। इससे बच्चों में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं

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टाइप-2 डायबिटीज़

जोड़ों में दर्द

मानसिक तनाव और आत्मविश्वास की कमी

सांस लेने में तकलीफ

विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे की समस्या को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह बीमारी भविष्य में हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर जैसी गंभीर समस्याओं की नींव रखती है।

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गलत धारणाएं और उनके प्रभाव

कई माता-पिता आज भी मानते हैं कि “बच्चे का अतिरिक्त वजन अपने आप कम हो जाएगा” या “ज्यादा खिलाने से इम्यूनिटी बढ़ती है।” यह सोच सही नहीं है। बच्चों के मोटापे को केवल मासूमियत मानकर नजरअंदाज करना खतरनाक है।

माता-पिता को बच्चों के आहार और पोषण के बेहतर विकल्प के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

मोटापे से बचने और वजन नियंत्रित करने के उपाय

रोजाना कम से कम 60 मिनट खेलकूद और व्यायाम करें – जैसे दौड़ना, खेलना या योग।

स्वस्थ आहार अपनाएं – ताजे फल, नट्स, सब्जियाँ और घर का बना भोजन बच्चों को दें।

मीठे ड्रिंक की जगह पानी पिलाएं – कोल्ड ड्रिंक और जूस की जगह पानी और हल्का दूध दें।

समय पर डॉक्टर से परामर्श लें – नियमित चेकअप से मोटापे और स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान हो सकती है।

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स्क्रीन टाइम कम करें – बच्चों को मोबाइल, टीवी और टैबलेट से दूर रखने की कोशिश करें।

बच्चों में मोटापा अब केवल बड़े होने पर ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चों में भी गंभीर खतरे का संकेत बन गया है। डिजिटल युग और अस्वास्थ्यकर खाने की आदतें इसे और बढ़ा रही हैं। माता-पिता और परिवार को बच्चों की दिनचर्या, खेल और आहार पर ध्यान देना होगा, ताकि वे स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकें।  

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