
नारी डेस्क: कुछ ही घंटों बाद चंद्र ग्रहण शुरू होने वाला है और इस ग्रहण का सूतक काल भी शुरू हो चुका है। मान्यता है कि इस समय मंत्र जप, ध्यान और साधना करने से कई गुना अधिक फल मिलता है। ग्रहण के दौरान सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने और मानसिक शांति पाने के लिए इन मंत्रों का जप किया जा सकता है।
चंद्र देव का बीज मंत्र
“ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः” यह मंत्र चंद्र ग्रह से जुड़े दोषों को शांत करने और मन को स्थिर करने में सहायक माना जाता है। ग्रहण के दौरान इसका कम से कम 108 बार जप करें।
महामृत्युंजय मंत्र
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”: यह मंत्र भय, नकारात्मकता और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है। ग्रहण काल में इसका जप करने से आध्यात्मिक शांति मिलती है।
गायत्री मंत्र
“ॐ भूर्भुवः स्वःतत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥”: ग्रहण के समय इस मंत्र का जप करने से बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
विष्णु मंत्र
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”: यह मंत्र मन की अशांति और भय को दूर करने के लिए जपा जाता है।
मंत्र जप के समय ध्यान रखने योग्य बातें
ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान करें, शांत स्थान पर बैठकर जप करें, ग्रहण समाप्त होने के बाद पुनः स्नान करें। घर में साफ-सफाई और दीपक जलाना शुभ माना जाता है। ग्रहण के दौरान किया गया मंत्र जप सामान्य दिनों की तुलना में अधिक फलदायी माना जाता है। याद रखें श्रद्धा और एकाग्रता ही मंत्र जप की सबसे बड़ी शक्ति है। सच्चे मन से किया गया जप जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।